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हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्री-पीएच.डी. कोर्स वर्क का भव्य उद्घाटन शोधार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं।

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सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबद्ध हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय जमानियां में प्री-पीएच.डी. कोर्स वर्क का भव्य शुभारंभ हो गया है। महाविद्यालय के सभागार में आयोजित एक परिचयात्मक बैठक के साथ नियमित कक्षाओं की शुरुआत की गई। यह पूरा कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह के संरक्षण और वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश शर्मा शास्त्री के संयोजन में संपन्न हुआ। माँ सरस्वती की वंदना से शुरुआत कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक रूप से माँ सरस्वती की वंदना और मंगल गान के साथ हुआ। इसके बाद परिचयात्मक सत्र की शुरुआत हुई, जिसमें सबसे पहले सभी शोध निर्देशकों (Research Guides) ने अपना परिचय देते हुए अपने-अपने शोध क्षेत्रों की जानकारी दी। तत्पश्चात, नवागत शोधार्थियों ने भी अपना परिचय साझा किया और अपनी शोध रुचियों (Research Interests) से सबको अवगत कराया। सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. अनूप कुमार सिंह ने शोध प्रविधि (Research Methodology) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्री-पीएच.डी. कोर्स वर्क शोध की नींव है और किसी भी गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए इसकी आवश्यकता और महत्व अत्यधिक है। वहीं, महाविद्यालय के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के सदस्य प्रो. अरुण कुमार ने कोर्स वर्क के दौरान कक्षाओं के संचालन की पूरी रूपरेखा और समय-सारणी शोधार्थियों के समक्ष प्रस्तुत की।संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिंह ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे महाविद्यालय में उपलब्ध उच्च स्तरीय शोध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें और देश-समाज के लिए एक योग्य व निष्ठावान शोधकर्ता बनने का प्रयास करें।मुख्य अतिथि के रूप में यू.पी. कॉलेज, वाराणसी से पधारे डॉ. दीनदयाल सिंह ने महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में इंटरनेट युक्त आधुनिक कंप्यूटर लैब, वाईफाई कैंपस, स्मार्ट क्लासेस और प्राचीन व दुर्लभ ग्रंथों से समृद्ध पुस्तकालय जैसी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो शोधार्थियों के शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में मददगार साबित होंगी। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने किया, जबकि आगंतुकों और शोधार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह ने प्रस्तुत किया।इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रो. अरुण कुमार, डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. लाल चंद पाल, डॉ. सुनील चौधरी, डॉ. अखिलेश कुमार जायसवाल, डॉ. सचिन कुमार सिंह, डॉ. धर्मेंद्र यादव, डॉ. अमित कुमार, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. राकेश कुमार सिंह, और कृतकार्य आचार्य डॉ. मदन गोपाल सिन्हा सहित भारी संख्या में शोध छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

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