वाराणसी -होली से पहले शिव बारात निकलेगी काशी में काशी अपने आप में एक मौज मस्ती और शिव भक्ति का अटूट आस्था का प्रतीक वित्त बन चुकी है काशी कभी अपने मौज मस्ती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर रही जो समय के साथ धीरे-धीरे गायब होता चला जा रहा है शकुन वाला शहर लोगों की भीड़ में हो गया है इस बनारस मौज मस्ती को पुनीत जीवित करने के लिए बीते दिनों की याद दिलाने के उद्देश्य में इस बार किसी बारात पूरे मौज मस्ती के साथ होलिया में अंदाज में निकाली जाएगी पहली बार शिव विवाह से संबंधित सभी लोग का चार ढंग से संपन्न कराया जाएगा जहां एक तरफ से बाबा हल्दी के रसम मनाया जाएगा वहीं दूसरी तरफ बाबा सरमनाथ मंदिर सारनाथ अन्य सामान समानता है कि वह बाबा का ससुराल पक्ष और वहां की महिलाओं और तिलक करो मिठाई फल फूल और गाजा बाजा बैंड बाजा के साथ हल्दी लेकर आएंगे उनके ढोल मंजीरा और परंपरा वैधानिक लोकगीत गलियां में गूंजेगी सभी महिलाएं काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के आवास पर पांच बटन प्रतिमा पर हल्दी का लिप कर हल्दी के रसम पर नाच गाना करेंगे 14 फरवरी को बाबा के ससुराल में मेहंदी और संगीत का कार्यक्रम होगा 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि पर शिव बारात के तहत शाम 7:00 बजे मंदिर पर महिलाएं परीक्षण कर बाबा के बारात को रवाना करेंगे बाबा के बारात में सभी देवी देवताओं अन्य बाबा ताल बेताल शामिल होंगे काशी को मिनी भारत कहा जाता है काशी में सभी प्रदेश के लोगों का आवास है इसी बार शिव बारात का आकर्षण होली उत्सव के रूप में दिखाया जाएगा बरसाने की होली वृंदावन की फूलों की होली आनंदपुर साहिब का खोल मोहल्ला गोवा का कर्नाटक का हमें होली बनारस की मशहूर भोले बाबा और भूत पिक्चर्स अघोरियों की होली विशेष आकर्षण होगा शिव बारात में सात समुंदर पार से बाबा के भक्त शामिल होने जा रहे हैं पहली बार शिव बारात में बाबा विश्वनाथ का दंड भी शामिल होगा इस शिव बारात समिति आर चौधरी दीपक गौरव अग्रवाल महेश चंद्र दिलीप सिंह सभी लोगों ने शामिल हुए और यह जानकारी दिए