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वशिष्ठ कुमार की रिपोर्ट

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम‘ महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम : न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय

विधि विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023’ पर जागरूकता एवं प्रचार अभियान का आयोजन

वाराणसी। विधि विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023’ विषय पर एक जागरूकता एवं प्रचार अभियान का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में विधिक समझ और संवैधानिक मूल्यों के प्रसार में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम लोकतंत्र में समान प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

विशिष्ट अतिथि प्रो. श्वेता प्रसाद समाजशास्त्र विभाग, बी.एच.यू. ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की वास्तविक स्थापना के लिए सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नारी आंदोलन के विभिन्न चरणों के परिणामस्वरूप नारी सशक्तिकरण की प्रबल नीव विकसित हुई। आज इसी आन्दोलन का परिणाम है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एवं महिला आरक्षण पर एक सार्थक पहल समाज एवं सरकार द्वारा हुई हैं, जो कि स्वागतयोग्य है।

कार्यक्रम में विधि विभाग की डाॅ. शिल्पी गुप्ता द्वारा सम्पादित आई.सी.एस.एस.आर. परियोजना पुस्तक का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। स्वागत संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार, संचालन डॉ. शिल्पी गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर प्रो. पंकज कुमार चतुर्वेदी, प्राचार्य, सह संकायाध्यक्ष, छोटा नागपुर लाॅ कालेज रांची विश्वविद्यालय, रांची सहित शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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