सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। अमृत सरोवर योजना (Mission Amrit Sarovar) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल, 2022 को जल संरक्षण के उद्देश्य से किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों (तालाबों) का निर्माण या जीर्णोद्धार करना था। लेकिन अमृत सरोवर योजना के तहत अब तक की प्रगति और विवरण निम्नलिखित है। लक्ष्य और उपलब्धि: योजना के तहत 15 अगस्त, 2023 तक देश भर में 50,000 अमृत सरोवर विकसित करने का लक्ष्य था। जिसके तहत अब तक चिन्हित गांवों ही तालाबों का निर्माण या जीर्णोद्धार पूरा किया गया है। आकार और क्षमता: प्रत्येक अमृत सरोवर कम से कम 1 एकड़ (0.4 हेक्टेयर) के क्षेत्र में फैला हो। और इसकी जल धारण क्षमता लगभग 10,000 घन मीटर होनी चाहिए। और अमृत सरोवर तालाबों के चारों ओर पीपल, नीम और बरगद जैसे छायादार वृक्ष लगाया जाना सुनिश्चित किया गया हैं। उसी के तहत विकास खंड अंतर्गत ग्राम ढढनी भानमल राय में तालाब की सुंदरीकरण के साथ उसमें फव्वारादार झरना, उसके बगल में प्राथमिक विद्यालय बाउंड्री में व्यायाम के लिए तमाम सुविधाओं से लैस व्यवस्था दी गई। इसके साथ ही लाइब्रेरी को भरपूर सुविधाओं से लैस किया गया है। विकास खंड अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि इस योजना का कार्य महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, और अन्य राज्य योजनाओं के माध्यम से कराया गया है। उन्होंने बताया कि इन सरोवर से न केवल भूजल स्तर (Groundwater Level) में सुधार हुआ है। बल्कि स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए पानी और मत्स्य पालन व सिंघाड़ा खेती से आजीविका के साधन भी मिल रहे हैं। इन तालाबों के रखरखाव और उपयोग के लिए स्थानीय सामुदायिक भागीदारी (जन भागीदारी) पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया गया है। योजना के तहत अब तक संख्या में तालाब विकसित किए गए हैं।अमृत सरोवर मिशन के तहत हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को इन तालाबों पर स्वतंत्रता सेनानियों या शहीदों के परिवारों द्वारा तिरंगा फहराने का प्रावधान भी है। कुल 18 तालाबों को अमृत सरोवर के तहत सुंदरीकरण के साथ तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराया गया है।