कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट
मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अपराधी को दबोचने में सफलता हासिल की है, जो न केवल नारकोटिक्स का बड़ा खिलाड़ी है, बल्कि जिसके तार 1993 के मुंबई धमाकों के बाद के दौर से जुड़े हैं। मोहम्मद म्हादिक, जो दो दशकों से अधिक समय से कानून की नजरों से बचकर मस्कट (ओमान) में छिपा हुआ था, अब पुलिस की गिरफ्त में है।
1993 के बॉम्बे बम धमाकों के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा, तब म्हादिक देश छोड़कर ओमान भाग गया था। वहां वह मस्कट में अपनी पहचान छिपाकर काम करता रहा। लगभग 22 साल की फरारी काटने के बाद, वह फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों के सहारे भारत लौटा था। उसे लगा था कि समय के साथ उसका काला चिट्ठा दब चुका होगा, लेकिन पुलिस की पैनी नजर उस पर बनी हुई थी।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर नितिन ठाकरे के नेतृत्व में ठाणे क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने एक सटीक ऑपरेशन के जरिए म्हादिक को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं!
मुख्य सप्लायर: म्हादिक ठाणे एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) द्वारा जब्त की गई भारी मात्रा में हेरोइन का मुख्य सप्लायर निकला।
ड्रग सिंडिकेट: वह विदेशों में बैठकर भारत में नशीले पदार्थों का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
पुराना रिकॉर्ड: उसका नाम 90 के दशक के उन आरोपियों में शामिल था, जिन्होंने ड्रग्स के कारोबार के जरिए अंडरवर्ल्ड की जड़ें मजबूत की थीं।
पुलिस का पक्ष: “यह गिरफ्तारी केवल एक ड्रग सप्लायर की पकड़ नहीं है, बल्कि उस सिंडिकेट पर बड़ी चोट है जो दशकों से फर्जी पहचान के पीछे छिपा था। हम इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की और गहराई से जांच कर रहे हैं।