वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक नयी पहल किया जा रहा है।आरआरसी( ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र) पर घरों से एकत्रित हो रहे कूड़े में प्लास्टिक मिक्स कूड़ा एकत्रित हो रहा है। इसके निस्तारण के लिए वाराणसी मंडल के उपनिदेशक पंचायत जितेंद्र कुमार मिश्र ने एक नई पहल शुरू की है। जिसका टैगलाइन कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं, के सिद्धांत पर कार्य किया जा रहा है। लोगों को आम तौर पर देखा जा रहा है कि अपने घरों से लोग कूड़े को प्लास्टिक के थैलियों में भरकर बाहर फेंक देते हैं, जिसको अलग-अलग किया जाना कठिन हो जाता है। और छटाई में लागत मूल्य बढ़ जाता है। उस प्लास्टिक में अगर खाद्य सामग्री होने पर उसे गाय सहित तमाम जानवर खा जा रहे हैं, तथा वही प्लास्टिक नालियों तालाबों व मिट्टियों में मिलकर प्रदूषण कर रहा है। इसके लिए शुक्रवार को ग्राम पंचायत कादीपुर विकासखंड काशी विद्यापीठ में एक नई पहल की शुरुआत की गई। लोगों को बताया गया कि कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं के तहत अब प्लास्टिक को कूड़े में नहीं फेकना है। प्लास्टिक का प्रयोग करने के उपरान्त हमें घर पर एक बोरी लगाकर उसमें प्लास्टिक को एकत्रित किया जाना है। उसको निस्तारण के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर भेज दिया जाना है। ग्राम पंचायत में विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट एवं आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से महिलाओं को सेनेटरी पैड का भी वितरण किया गया। ट्रस्ट और पंचायत राज विभाग मिलकर 2 किलो प्लास्टिक इकट्ठा करके लाने पर एक सेनेटरी पैड इनाम स्वरूप महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के वृद्धि हेतु दिया गया। इस तरह से शुक्रवार को ग्राम पंचायत में पंचायत भवन पर आयोजित इस कार्यक्रम में 118 से अधिक महिलाओं ने अपने घर पर टंगी बोरियों में 238 किलो से अधिक प्लास्टिक इकट्ठा कर जमा किया। जिस पर उपनिदेशक पंचायत द्वारा सभी महिलाओं और किशोरियों को एक सैनिटरी पैड पुरस्कार स्वरूप दिया गया। यह अभियान इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है कि आज हर जगह कूड़े में प्लास्टिक फैला हुआ है। जिसकी वजह से कंपोस्ट होने वाले कूड़े भी डीकम्पोज्ड नहीं हो पा रहे हैं, तथा साफ प्लास्टिक भी रीसायकिल के लिए नहीं मिल पाता है। उपनिदेशक पंचायत ने सभी को बताया कि आज हमें आवश्यकता है कि हम सभी प्रकार के कूड़ो में से प्लास्टिक को अलग करें एवं ठोस एवं तरल कूड़े को अलग-अलग कूड़े रखें जिससे कि कूड़े को कंपोस्टिंग कर हम खाद बना सके तथा साफ प्लास्टिक को अलग इकट्ठा कर उसका रासाइकिल कर सकें। यह अभियान हर ग्राम पंचायत में चलाया जाएगा जिससे कि ग्राम पंचायत प्लास्टिक मुक्त हो सके। इस कार्यक्रम में सहायक जिला पंचायत अधिकारी राकेश कुमार यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एनपी सिंह आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एनपी सिंह, आइडियल वुमेन वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष बीना सिंह,दीपचंद, ग्राम प्रधान विजय कुमार, सचिव अभिषेक सिंह, विजय कुमार दुबे एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन मण्डलीय समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अनिल केसरी ने किया।