*ISIS के आतंकियों ने मास्को में जबरदस्त आतंकी हमला कर 158 की जान ले ली। उन्होंने सोचा कि आराम से यूक्रेन में घुस जायेंगे फिर आयेंगे, फिर आतंकी हमला करेगें। लेकिन उनकी बदकिस्मती थी कि वे रूसी सैनिकों के हत्थे चढ़ गए। रूसी सैनिकों ने उन्हें मार दिया होता तो जन्नत नशीन होकर 72 हूरों का अलौकिक आनंद मिलता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।.
आतंकियों, माफियाओं, गैंगेस्टरों के मानवाधिकार के लिए चिल्लाने वालों को रूस लगातार वीडियो जारी कर रहा है।
एक आतंकी को नंगा कर उसके गुप्तांग पर हाई वोल्टेज करेंट देते और उसे चीखते दिखाया गया।
एक आतंकी के कान को काट कर उसके मुंह में ठूंसते हुए दिखाया गया।
एक आतंकी को उतना पीटा कि वह बेहोश हो गया, उसे बेहोशी की हालत में कोर्ट में पेश किया गया।
रूस पूरी दुनिया को चीखने और मानवाधिकारों के लिए चिल्लाने की खुले आम चुनौती दे रहा है।
जरा रूस से अलग हो कर भारत के बारे में सोचिए।
रूस से भी बड़े बड़े हमले भारत में हुए। आतंकी वारदात में हजारों लोग मार दिए गए।
भारत में इसलामिक आतंकियों के साथ कैसा सलूक होता है। बिरयानी खिलाई जाती है। आतंकवादी के लिए पीएम के घर कालीन बिछाया जाता है। दावत दी जाती है।
भारत के टुकड़े टुकड़े गैंग को सम्मानित किया जाता है। अगर किसी देशद्रोही को पकड़ भी लिया तो पूरा इको सिस्टम उसके लिए खड़ा हो जाता है।
पीएम सीएम को मारने की धमकी देने वाले को हीरो बना दिया जाता है।
सैकड़ों लोगों को मारने वाले अतीकियों, अशरफों, मुख्तारों, कसाबों, मेमनो, अफजलों, यासीनो को हीरो की तरह पेश किया जाता है। उनका जलवा होता भी ऐसा है कि आधी रात को अदालतों के दरवाजे खुल जाते हैं।
अगर इनमे से कोई मर गया तो उसके जनाजे में लाखों लोग शामिल होते हैं।
वामपंथी मीडिया के वे हीरो होते हैं, जनाजे की लाइव कवरेज दिखाई जाती है।
रूस भी लाइव कवरेज दिखा रहा है लेकिन मजाल है भारत के किसी मीडिया चैनल और पत्रकारों का जो रूस की निंदा करे।
अच्छा हुआ सरकार बदल गई वरना आतंकियों के लिए भारत किसी स्वर्ग से कम नहीं था। खुलेआम गोलियां बरसाते थे, बस की सीटो के नीचे बम धमाके करते थे, ट्रेन में बिंदास अंदाज में बम ब्लास्ट करते थे। बाजार और मंदिरों में अक्सर बम फोड़ दिए जाते थे।