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रोहनिया की सियासत में नई हलचल: अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ ने ठोकी दावेदारी

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आदर्श श्रीवास्तव की रिपोर्ट

वाराणसी। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होती जा रही हैं। इसी बीच समाज सेवा और विधि क्षेत्र में सक्रिय अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ ने हमारा समाज पार्टी से रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। उनकी संभावित उम्मीदवारी की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल रही है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार यदि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविशंकर अगरवाल और प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता रोहनिया विधानसभा से भानु प्रताप सेठ को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित करते हैं, तो क्षेत्र की राजनीति में एक नया समीकरण देखने को मिल सकता है। रोहनिया विधानसभा क्षेत्र वाराणसी की महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है, जहां ग्रामीण और शहरी आबादी का संतुलन है और यहां के मतदाता विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर हमेशा सजग रहते हैं।

अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने समाज के गरीब, निर्बल और जरूरतमंद लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का काम किया है। कई मामलों में उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की कानूनी सहायता बिना किसी शुल्क के की है, जिसके कारण क्षेत्र में उनकी पहचान एक समाजसेवी अधिवक्ता के रूप में बनी है। यही वजह है कि उनकी दावेदारी को लेकर क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक चर्चा भी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भानु प्रताप सेठ लगातार जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं और विभिन्न सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। चाहे गरीबों की कानूनी मदद का मुद्दा हो या फिर समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाने का, वे कई मंचों पर सक्रिय दिखाई दिए हैं।

भानु प्रताप सेठ का कहना है कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें रोहनिया विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देता है, तो वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करेंगे। उनका कहना है कि रोहनिया विधानसभा में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज सेवा का एक बड़ा मंच है। वे चाहते हैं कि आम जनता की आवाज विधानसभा तक पहुंचे और जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो।

वहीं दूसरी ओर हमारा समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। पार्टी के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि भानु प्रताप सेठ का समाज में अच्छा जनसंपर्क है और उनकी छवि एक ईमानदार तथा संघर्षशील व्यक्ति की रही है, जो चुनाव में पार्टी के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहनिया विधानसभा सीट पर यदि कोई नया चेहरा मैदान में उतरता है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में यदि पार्टी नेतृत्व भानु प्रताप सेठ को उम्मीदवार घोषित करता है, तो यह मुकाबला और भी रोचक हो सकता है।

फिलहाल क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की निगाहें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि हमारा समाज पार्टी रोहनिया विधानसभा सीट से किसे अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित करती है। यदि अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ को मौका मिलता है, तो रोहनिया की राजनीति में एक नई दिशा और नई बहस देखने को मिल सकती है।

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पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध कमिश्नरेटवाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 25,000 से अधिक लोगों को विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, कैंपों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों आदि पर जाकर साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सावधानियों से अवगत कराते हुए साइबर अपराध से बचाव संबंधी पम्पलेट एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा आमजन हेतु सतर्कता एवं जागरूकता संदेश साइबर अपराध से बचाव हेतु आमजन निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियों का सदैव पालन करें— 1.अपने बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी जैसे ATM/डेबिट कार्ड, PIN, CVV, OTP, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, ATM/डेबिट कार्ड अथवा SIM कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। 2.”बिना परीक्षा सीधे भर्ती”, “घर बैठे मोटी कमाई”, “आसान नौकरी” अथवा “कम समय में अधिक आय” जैसे आकर्षक एवं भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहें। नौकरी के नाम पर जॉइनिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी फीस, GST अथवा अन्य किसी शुल्क के रूप में अग्रिम धनराशि की मांग किए जाने पर विशेष सतर्कता बरतें। 3.मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) एवं पिरामिड चेन आधारित योजनाओं में निवेश अथवा सहभागिता करने से पूर्व संबंधित संस्था/कम्पनी की वैधता एवं पंजीकरण की जानकारी अधिकृत सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें। कम्पनी के पंजीकरण एवं कॉरपोरेट विवरण की जांच हेतु MCA (Ministry of Corporate Affairs) के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। 4.अज्ञात अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, एप्लीकेशन अथवा SMS Forwarder जैसी संदिग्ध फाइल/एप को कदापि डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने से पूर्व उसके स्रोत एवं विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। 5.ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ एवं त्वरित लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्लेटफॉर्म से दूर रहें। ऐसे प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग/व्यक्तिगत जानकारी साझा करने अथवा धनराशि जमा करने से बचें। 6.साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। किसी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, धनराशि को होल्ड कराने एवं रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। **सतर्क रहें—सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।** किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।वाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 25,000 से अधिक लोगों को विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, कैंपों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों आदि पर जाकर साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सावधानियों से अवगत कराते हुए साइबर अपराध से बचाव संबंधी पम्पलेट एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा आमजन हेतु सतर्कता एवं जागरूकता संदेश साइबर अपराध से बचाव हेतु आमजन निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियों का सदैव पालन करें— 1.अपने बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी जैसे ATM/डेबिट कार्ड, PIN, CVV, OTP, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, ATM/डेबिट कार्ड अथवा SIM कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। 2.”बिना परीक्षा सीधे भर्ती”, “घर बैठे मोटी कमाई”, “आसान नौकरी” अथवा “कम समय में अधिक आय” जैसे आकर्षक एवं भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहें। नौकरी के नाम पर जॉइनिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी फीस, GST अथवा अन्य किसी शुल्क के रूप में अग्रिम धनराशि की मांग किए जाने पर विशेष सतर्कता बरतें। 3.मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) एवं पिरामिड चेन आधारित योजनाओं में निवेश अथवा सहभागिता करने से पूर्व संबंधित संस्था/कम्पनी की वैधता एवं पंजीकरण की जानकारी अधिकृत सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें। कम्पनी के पंजीकरण एवं कॉरपोरेट विवरण की जांच हेतु MCA (Ministry of Corporate Affairs) के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। 4.अज्ञात अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, एप्लीकेशन अथवा SMS Forwarder जैसी संदिग्ध फाइल/एप को कदापि डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने से पूर्व उसके स्रोत एवं विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। 5.ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ एवं त्वरित लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्लेटफॉर्म से दूर रहें। ऐसे प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग/व्यक्तिगत जानकारी साझा करने अथवा धनराशि जमा करने से बचें। 6.साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। किसी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, धनराशि को होल्ड कराने एवं रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। **सतर्क रहें—सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।** किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।वाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वार

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