सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के तृतीय दिवस में कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल योग, प्राणायाम, प्रार्थना तथा व्यायाम से हुई, जिससे स्वयंसेविकाओं में शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा का विकास हुआ। प्रथम सत्र में जमानियां नगर पालिका परिषद से पधारे योग गुरु उदय सिंह ने स्वयं सेवक एवं स्वयंसेविकाओं को एनएसएस का लक्ष्यगीत गवाया तथा उसके महत्व से अवगत कराया। तत्पश्चात योग और अध्यात्म से शिविरार्थियों को परिचित कराया और भ्रांमरी, अनुलोम-विलोम, एवं योग के माध्यम से स्ट्रेस फ्री होने हेतु कैसे संतुलन स्थापित इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला इसके बाद तत्पश्चात स्वयंसेविका चंद्रमुखी ने कला एवं क्राफ्ट के माध्यम से छात्राओं कोरचनात्मकता से परिचित कराया और उन्हें सृजनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया। इसी सत्र में डॉ विजय श्याम पांडेय ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने सुरक्षित पैदल चलने के नियमों पर प्रकाश डालते हुए बाईं ओर चलना, पंक्ति में चलना, दिशा बदलते समय संकेत देना तथा चालक के साथ आई-कॉन्टैक्ट बनाए रखना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यातायात प्रबंधन के ‘फाइव ई’ कॉन्सेप्ट—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट, एनवायरनमेंट एवं इमरजेंसी से भी छात्राओं को अवगत कराया। द्वितीय सत्र के प्रमुख वक्ता प्राचार्य प्रो श्रीनिवास सिंह थे। उन्होंने नशा मुक्ति विषय पर स्वयंसेविकाओं से संवाद करते हुए व्यवहारिक एवं पदार्थ संबंधी नशे के दुष्प्रभावों, आत्महत्या, मोबाइल एडिक्शन, गेम एडिक्शन तथा ज़ेनोफिलिया जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी देकर मानसिक स्वास्थ्य सहायता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, प्राचार्य, कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वयंसेविकाओं ने जमानियां को नशामुक्त बनाने की शपथ ग्रहण की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. श्रीनिवास सिंह ने की, जबकि संचालन एनएसएस प्रभारी डॉ. अभिषेक तिवारी द्वारा किया गया। अंत में स्वयं सेवक विशाल विंद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल समन्वयन में डॉ. अभिषेक तिवारी डॉ. निलेश कुमार एवं डॉ. सौरभ सिंह का योगदान रहा।