दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी।ज़िलाधिकारी सतेन्द्र कुमार, की अध्यक्षता में जिला श्रम बन्धु की बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं क्रमशः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के सम्बन्ध में एक बैठक आहूत की गयी। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त विभिन्न सेवायोजकों एवं श्रमिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहें।
बैठक में प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गयी। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों के प्रथमबार नियोजन किये जाने की दशा में श्रमिकों के साथ-साथ सेवानियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि भारत सरकार द्वारा सीधे DBT के माध्यम से प्रदान की जा रही है। योजनान्तर्गत पहली बार रोजगार पाने वाले श्रमिक जिनका वेतन रू0-1,00,000/-(रू० एक लाख) से कम होगा, उन्हें वर्ष में दो समान किस्तों में रू0-7500/- दिया जायेगा। इस प्रकार कुल रू0-15,000/- का हितलाभ अनुमन्य किया जायेगा तथा सेवानियोक्ताओं को भी रू0-1,000/- से रू0-3,000/- भारत सरकार द्वारा अनुमन्य की जायेगी। वाराणसी में कुल चिन्हित 2096 प्रतिष्ठानों में से 1489 प्रतिष्ठानों का पंजीयन कराया गया है। शेष 687 प्रतिष्ठानों के पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिये गये।
इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के सम्बन्ध में उपस्थित व्यापार संघ के प्रतिनिधियों एवं सरकारी संस्थाओं को अवगत कराया गया कि असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले 18 वर्ष से 40 वर्ष के मध्य कार्यरत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान किये जाने हेतु रू0-3,000/- प्रतिमाह की दर से पेंशन अनुमन्य है। योजनान्तर्गत पंजीयन हेतु आयु के आधार पर रू0-55/- से रू0-200/- प्रतिमाह अंशदान जमा करना होगा। पंजीयन की कार्यवाही किसी भी जन सुविधा केन्द्रों या कप्यूटर / लेपटाप / मोबाइल के माध्यम से श्रमिक द्वारा स्वयं किया जा सकता है।
सरकारी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे लक्षित समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक पंजीकरण कराते हुए लाभ प्रदान करें। इस योजना में मनरेगा श्रमिक, स्वयं सहायक समूह के सदस्य, आशा कार्यकत्री, मछुआरे, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मध्यान्ह भोजन कर्मी, रसोईया, नाव चालक, पशुपालक, डेयरी फर्म, मुर्गी पालक, बत्तख पालक, सुअर पालक, समाचार पत्र बाटने वाले हॉकर, घरेलू असंगठित श्रमिक, पटरी श्रमिक / फुटपाथ श्रमिक, फेरी श्रमिक, धोबी, दर्जी, मोची, नाई, रिक्शा चालक, माली, जुलाहा, कूड़ा बीनने, हाथ ठेला चलाने वाले, सब्जी विक्रेता, फल-फूल वाले, चाय-चाट ठेला श्रमिक आदि आच्छादित होते है। उक्त योजना के अंतर्गत निर्देशित किया गया कि वाराणसी क्षेत्र के सभी जनपदों में असंगठित श्रमिकों का अधिकाधिक पंजीकरण कराते हुए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) से आच्छादन करें।
उप श्रमायुक्त, वाराणसी क्षेत्र, वाराणसी डा० महेश कुमार पाण्डेय द्वारा अवगत कराया गया कि सेवायोजन विभाग द्वारा ई-लेबर अड्डा के माध्यम से विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों की सेवाएँ कार्य हेतु उपलब्ध कराई जा रही है। सेवायोजन विभाग के “सेवा मित्र पोर्टल” अथवा टोल फ्री नम्बर 155330 पर कॉल करके 36 श्रेणी के श्रमिकों की सुविधाएँ घर बैठे प्राप्त कर सकते है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा बैठक में डेमो के रूम में उक्त टोल फ्री नम्बर 155330 डायल करके इलेक्ट्रिशियन कार्य हेतु श्रमिक की डिमांड किया गया, जिस पर विभाग द्वारा न्यूनतम
दर पर इलेक्ट्रिशियन उपलब्ध कराये जाने की सूचना दी गयी। बैठक में उपस्थित विभिन्न सेवायोजक एवं श्रमिक संगठनों से अपील की गयी कि विभिन्न श्रेणी में श्रमिकों की सेवा हेतु टोल फ्री नम्बर 155330 पर घर बैठे श्रमिकों की सेवाएँ प्राप्त कर सकते है।
बैठक में उप श्रम आयुक्त महेश कुमार पांडे सहित अन्य अधिकारीगण तथा श्रमिक संगठन एवं सेवायोजक उपस्थित रहें।