चीफ एडिटर विजय प्रजापति की रिपोर्ट
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शिक्षक ग
बीएचयू शिक्षक गण ने केंद्रीय कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात की – नोशनल इंक्रीमेंट, पूर्व सेवा गणना, पीडीएफ एवं डीएसीपी के तहत कैरियर विकास की बाधाएं तुरंत दूर करने की मांग
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षक आज केंद्रीय कार्यालय (सेंट्रल ऑफिस) के उच्च पदाधिकारियों से मिलकर अपनी लंबित समस्याओं का समाधान मांगने पहुंचे। शिक्षकों ने यूजीसी के अन्य विश्वविद्यालयों के अनुरूप नोशनल इंक्रीमेंट, पूर्व सेवा की गणना, पीडीएफ (Post Doctoral Fellowship) तथा मेडिकल कॉलेज में डीएसीपी (Dynamic Assured Career Progression) के तहत प्रमोशन एवं कैरियर विकास संबंधी सभी बाधाओं को तुरंत हटाने की मांग की।
शिक्षक गण ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डिप्टी रजिस्ट्रार (एडमिन) श्री वाई. वेलु तथा डिप्टी रजिस्ट्रार श्री अजय द्वारा विश्वविद्यालय के नियमों को तोड़-मरोड़कर गलत व्याख्या किए जाने से पूरे शिक्षक वर्ग में गहरा असंतोष व्याप्त है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी परिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) द्वारा गठित ग्रेवांस कमेटी (Grievance Committee) की सिफारिशों की गोपनीयता भंग की जा रही है तथा रिपोर्ट को कुलसचिव के माध्यम से जानबूझकर विलंबित किया जा रहा है। नियमानुसार कमेटी की रिपोर्ट हायर ग्रेवांस कमेटी को समीक्षा के लिए भेजी जानी थी, किंतु मेंबर सेक्रेटरी ने रिपोर्ट सीधे कुलसचिव को सौंप दी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ज्ञात हो कि पिछले चार वर्षों से नोशनल इंक्रीमेंट तथा मेडिकल कॉलेज में डीएसीपी के तहत प्रमोशन को अन्यायपूर्ण तरीके से रोका जा रहा है, जिसके कारण विश्वविद्यालय के शिक्षक गण दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इससे न केवल उनके कैरियर को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है, बल्कि उनके परिवारों पर भी गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट आ पड़ा है।बीएचयू शिक्षक गण का स्पष्ट कहना है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं किया गया तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय को भी प्रेस विज्ञप्ति देंगे तथा लोकतांत्रिक तरीके से क्रमबद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगे। देर शाम तक शिक्षक गण केंद्रीय कार्यालय में जमे थे।