वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –– करखियांव स्थित अमूल प्लांट के मजदूरों ने अमूल प्लांट के अधिकारियों द्वारा मजदूरों का आर्थिक शोषण करने व मनमाने ढंग से काम लेने के विरुद्ध अमूल प्लांट के मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि अमूल प्लांट में कार्यरत सैकड़ो मजदूरों द्वारा अमूल कंपनी के ऊपर मनमाने तरीके से काम कराने, महीने के पूरे दिन बिना छुट्टी दिए आर्थिक शोषण करने,अपनी बात रखने पर कंपनी से बाहर कर देने की धमकी देने का आरोप लगाया। यही नहीं मजदूरों का आरोप है कि नियुक्ति करते समय 2 वर्ष में मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। मांग करने पर बाहर कर देने की धमकी दिया जा रहा है। वहीं महिला मजदूरों का भी आरोप है कि उनसे पुरुष के बराबर काम लिया जाता है, लेकिन मजदूरी उनसे कम दिया जाता है। किसी भी तरह की कोई छुट्टी नहीं दी जाती है। उग्र मजदूरों ने दूध से लदी गाड़ियों को ना तो अंदर जाने दिया जा रहा था ना ही बाहर निकलने दिया जा रहा था। जिससे प्लांट के अंदर अफरा तफरी का माहौल हो गया था। हंगामा की सूचना पर एडीसीपी गोमती जोन नृपेन्द्र कुमार व इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल कुमार सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया लेकिन मजदूर नहीं माने। उसके बाद प्लांट के मैनेजर आलोक मणि त्रिपाठी, ठेकेदार के सुपरवाइजर विनोद दुबे के साथ मौके पर आए। लेकिन मजदूरों के तर्क के आगे उनकी एक भी नहीं चली। अंत में सायं 6:30 बजे गुजरात से ठेकेदार के आने पर वार्ता के उपरान्त धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही गयी। प्रदर्शन के दौरान अमूल प्लांट का कार्य पूरी तरह से बाधित रहा। बढ़ते विवाद के चलते एडीसीपी गोमती जोन द्वारा पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गयी