साक्षी सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी, 06 अप्रैल 2026: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित प्रसिद्ध कला एवं पुरातत्व संग्रहालय, भारत कला भवन में आज डॉ. देवता प्रसाद मौर्या की जलरंग (Watercolor) पेंटिंग्स की प्रदर्शनी ‘वर्ण सिंधु’ का भव्य उद्घाटन माननीय कुलपति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत कला भवन के निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधरी उपस्थित थे।
प्रदर्शनी का संयोजन दृश्य कला संकाय के सहायक आचार्य डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड़ ने किया। माननीय कुलपति ने डाॅ. मौर्या के चित्रों की सराहना करते हुए उनकी तकनीकी दक्षता, विषय वस्तु की विविधता तथा प्रकृति के प्रति उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदर्शनी के अवलोकन का आग्रह करते हुए इसे दर्शकों और कला प्रेमियों के हृदय में प्रकृति प्रेम का भाव तथा सौंदर्य बोध और रचनात्मकता के संवर्धन हेतु एक उत्प्रेरक के सामान बताया।
‘वर्ण सिंधु’ प्रदर्शनी में डॉ. मौर्या द्वारा जलरंगों के माध्यम से उकेरी गई लगभग 50 कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। यह प्रदर्शनी कलाकार की सूक्ष्म दृष्टि और जलरंगों की तरलता के अद्भुत समन्वय को दर्शाती है, जिसमें प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं के विविध रंगों को पिरोया गया है। डॉ. मौर्या अयोध्या जनपद के एक छोटे से गांव से संबंध रखते हैं। उस गांव से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय तक की यात्रा में उनके द्वारा अनुभव किये उत्साह, संघर्ष और प्रसन्नता के भाव इन चित्रों में छलकते दिखलाई पड़तें हैं। इनके अतिरिक्त ग्रामीण जीवन की सरलता और सरसता तथा काशी के विश्व प्रसिद्ध घाटों के अनेक रूप भी दृष्टव्य हैं। उद्घाटन के अवसर पर दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. उत्तमा दीक्षित, प्रो. शांति स्वरूप सिन्हा, भारत कला भवन के उपनिदेशक डॉ. निशांत, संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. प्रियंका चन्द्रा, डॉ . राधाकृष्णन गणेशन समेत बड़ी संख्या में कला आचार्य गण, शोधार्थी , विद्यार्थी तथा कला प्रेमी उपस्थित थे।
यह प्रदर्शनी आम जनता और कला प्रेमियों के लिए 6 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक खुली रहेगी। अवलोकन का समय प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक रहेगा।