विजय कुमार की रिपोर्ट
वाराणसी (काशीवार्ता)। चौबेपुर थाना क्षेत्र में चिरईगांव संदहा ओवरब्रिज के पास सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा रिंग रोड पर चढ़ते समय एक बाइक के बंद डिवाइडर से टकराने के कारण हुआ।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संदहा रिंग रोड पर चढ़ने वाला मार्ग बंद था। आरोप है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बंद सड़क पर कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया था। रात के अंधेरे में डिवाइडर स्पष्ट न दिखने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर उससे टकरा गई। दुर्घटना की सूचना पर चिरईगांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से नरपतपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजा। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजनाथ राम ने बताया कि इलाज के दौरान मुर्दहा चोलापुर निवासी सन्नी (26) की मौत हो गई। दूसरे अज्ञात घायल युवक को गंभीर हालत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (पांडेपुर) रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस मामले में एनएचएआई के डीजीएम प्रवीण कटियार ने लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने दावा किया कि जहां रास्ता बंद किया गया था, वहां उचित प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। उन्होंने घटना की जांच कराने की बात कही। हालांकि, डीजीएम के दावों के विपरीत, घटना के समय के सामने आए वीडियो में मौके पर घना अंधेरा दिखाई दे रहा है। वीडियो में न तो कोई रिफ्लेक्टर नजर आ रहे हैं और न ही पर्याप्त रोशनी, जिससे बाइक सवार को बंद रास्ते का आभास हो सके। चौबेपुर थाना पुलिस ने मृतक सन्नी के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर मर्चरी भेज दिया है। पुलिस दूसरे घायल युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है और कहा है कि रिफ्लेक्टर व संकेतक न होने के कारण इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।