वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी — वाराणसी विकास प्राधिकरण ने बकाया किराया और देय धनराशि की वसूली को लेकर गुरुवार को बकायेदारों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की है। इस दौरान प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर कई व्यावसायिक दुकानों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने यह कार्यवाही उन आवन्टियों के विरुद्ध किया है जिन्होंने वर्षों से किराया और अन्य देय राशि जमा नहीं किया है। जबकि उन्हें अदा करने के लिए कई बार नोटिस देकर सूचित भी किया गया पर उन दुकानदारों द्वारा सूचना को नजर अन्दाज करते हुए अभी तक किराया जमा नहीं किया गया। जवाहरलाल नेहरू व्यवसायिक परिसर में स्थित सील किए गए दुकानों में -दुकान सं0- 64 एवं 65( आवन्टी शिवदेव नारायण राय)पर 10,16,393/+ जीएसटी 18% अतिरिक्त बकाया है, दुकान सं0- 22 ( आवन्टी लालता सिंह) पर 8,14,302/+जीएसटी 18% अतिरिक्त बकाया है।, दुकान सं0-125 एवं 126 (आवन्टी प्रकाश चन्द्र एवं उषा देवी) पर 5,40,302/+जीएसटी 18% अतिरिक्त बकाया है। प्राधिकरण द्वारा सभी आवंटियों को 12 जुलाई 2023, 12 जुलाई 2024, 19 जुलाई 2024, 16 अगस्त 2024, 02 दिसंबर 2024 और अंतिम नोटिस 20 मार्च 2025 को प्रेषित किया गया था। इसके बावजूद भी ना तो भुगतान किया गया और ना ही कोई संतोषजनक जवाब ही दिया गया। मजबूरन उपाध्यक्ष के निर्देश पर सम्पत्ति अधिकारी आनन्द प्रकाश तिवारी, सहायक सम्पत्ति अधिकारी रमेश चन्द्र दूबे,पटल सहायक अजय श्रीवास्तव, रेन्ट कलेक्टर रणवीर कुमार की उपस्थिति में दुकान सील करना पड़ा। इस संबंध में उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने सभी आवन्टियों को 15 दिन का अंतिम अवसर देते हुए निर्देशित किया है कि वह बकाया राशि और देय विक्रय मूल्य जमा कर दें।यदि तय समय मे भुगतान नही किया गया तो दुकानों का आवंटन निरस्त करते हुए ई-आक्शन के माध्यम से नीलाम कर दिया जाएगा। जिसका सारा दायित्व आवन्टियों का होगा। उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे अन्य दुकानदारों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा जो लम्बे समय से बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। फिलहाल 8 से 10 अन्य दुकानों को भी चिन्हित किया गया है, जिन पर इसी सप्ताह सीलिंग की कार्यवाही प्रस्तावित है।