सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर विधानसभा जमानियां के ग्रामसभा नारियांव में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण करते समय पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि भगवान बुद्ध का संदेश अप्प दीपो भव के यानी अपना दीपक स्वयं बनो आज के समय में और भी प्रासंगिक है। उनकी करुणा, शांति और अहिंसा की शिक्षाएं पूरे विश्व को राह दिखाती हैं। जो पूरे क्षेत्र के लिए शांति, ज्ञान और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने समस्त ग्रामवासियों को इस पुनीत कार्य के लिए हार्दिक बधाई और सभी को बुद्ध पूर्णिमा की मंगलकामनाएं दी। गुप्ता ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार, जैसे अहिंसा, शांति, करुणा और मध्यम मार्ग, आज के हिंसा, तनाव और अनिश्चितता भरे विश्व में बेहद प्रासंगिक हैं। उनके उपदेश जैसे मानसिक शांति के लिए माइंडफुलनेस (जागरूकता) और आत्म-चिंतन न केवल व्यक्तिगत सुख के लिए बल्कि समाज में सौहार्द और पर्यावरणीय स्थिरताSustainable Development) के लिए भी मार्गदर्शक हैं। भगवान बुद्ध के विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता के मुख्य बिंदु है। शांति और अहिंसा (Peace and Non-violence) विश्व में व्याप्त संघर्षों, आतंकवाद और ईर्ष्या को दूर करने के लिए बुद्ध के प्रेम और बंधुत्व के संदेश आज सबसे अधिक आवश्यक हैं। पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health Mindfulness) तनावपूर्ण आधुनिक जीवन में, बुद्ध का माइंडफुलनेस (वर्तमान क्षण में जीना) और ध्यान (Meditation) का मार्ग तनाव प्रबंधन और आत्म-जागरूकता के लिए बहुत मददगार है। मध्यम मार्ग (The Middle Path) बुद्ध ने न तो अत्यधिक विलासिता और न ही अत्यधिक तपस्या बल्कि ‘मध्यम मार्ग’ पर जोर दिया। यह सिद्धांत आज के उपभोक्तावादी समाज में संतुलित जीवन जीने की सीख देता है। करुणा और मैत्री (Compassion and Friendliness) अपने से भिन्न विचारों के प्रति सहनशीलता और सभी प्राणियों के प्रति करुणा रखना सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है।तर्कसंगत सोच (Rational Thinking) बुद्ध ने अंधविश्वास को नकार कर तर्क की राह दिखाई। जो आज के वैज्ञानिक युग में बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने बताया कि पर्यावरणीय स्थिरता (Environmental Sustainability) उनके विचार प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने और संसाधनों का संयमित उपयोग करने की शिक्षा देते हैं। बुद्ध के ये विचार सार्वभौमिक हैं। जो समय की सीमाओं से परे जाकर आज भी मानवता को दुखों से मुक्ति और शांति का रास्ता दिखाते हैं। उक्त अवसर पर ग्रामप्रधान सच्चितानंद पासवान, वरिष्ठ भाजपा नेता अजय गुप्ता, छात्र नेता कुणाल मौर्य, अनिल गुप्ता, संजीत यादव आदि वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।