कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट
वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र स्थित ओम साई नगर कॉलोनी में आयोजित चितईपुर प्रीमियर लीग (CPL) का भव्य समापन 22 जून को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। लगभग एक महीने तक चले इस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ 1 जून को हुआ था, जिसमें क्षेत्र की छह टीमों ने भाग लिया। फाइनल मुकाबले में दिल्ली कैपिटल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर खिताब अपने नाम किया।
फाइनल मैच में दिल्ली कैपिटल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने निर्धारित 8 ओवरों में 61 रन बनाए और दिल्ली कैपिटल के सामने जीत के लिए 62 रनों का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम महज 4 रन पर अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे कठिन समय में टीम के कप्तान हिमांशु ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार कप्तानी पारी खेलते हुए 32 गेंदों पर 44 रन बनाए। उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत दिल्ली कैपिटल ने रोमांचक जीत दर्ज कर टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
पिछले चार वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह टूर्नामेंट क्षेत्र के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है। टूर्नामेंट के आयोजक शाश्वत सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल छह टीमों ने हिस्सा लिया। लीग चरण में प्रत्येक टीम ने पांच-पांच मुकाबले खेले, जिसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमें फाइनल तक पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान और अवसर प्रदान करना है। विजेता टीम दिल्ली कैपिटल को 5,000 रुपये नकद पुरस्कार एवं आकर्षक ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके अलावा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। बेस्ट बैटर को क्रिकेट बैट तथा बेस्ट बॉलर को क्रिकेट बॉल पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। साथ ही अधिकांश खिलाड़ियों को किसी न किसी रूप में पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
शाश्वत सिंह ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखी जा रही है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की जानकारी क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और जनरल सेक्रेटरी तक पहुंचाई जाएगी, ताकि उन्हें आगे बड़े स्तर पर खेलने का अवसर मिल सके।
टूर्नामेंट का प्रारूप भी काफी अनोखा रहा। मैदान के सीमित आकार को देखते हुए प्रत्येक टीम में केवल छह खिलाड़ियों को खेलने का अवसर दिया गया तथा मुकाबले आठ-आठ ओवर के रखे गए। वहीं पारंपरिक क्रिकेट के विपरीत बाउंड्री पार करने पर चार या छह रन के बजाय दो रन निर्धारित किए गए, जिससे मैचों में रोमांच और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ गई।
आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन क्षेत्रीय खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देने के साथ-साथ उन्हें बड़े मंचों तक पहुंचने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। चितईपुर प्रीमियर लीग आज क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है, जहां से भविष्य के कई प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के उभरने की उम्मीद की जा रही है।