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एक सौ सोलहवें संस्थापन दिवस समारोह के कार्यक्रमो श्रृंखला में दूसरे दिन लोकगीत का हुआ आयोजन

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एक सौ सोलहवें संस्थापन दिवस समारोह के कार्यक्रमो श्रृंखला में दूसरे दिन लोकगीत का हुआ आयोज वाराणसी — उदय प्रताप कालेज के 116 वें संस्थापन समारोह में आयोजित कार्यक्रमो की श्रृंखला में रविवार को दूसरे दिन सुभाषित, रंगोली, लोकगीत तथा पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। महा विद्यालय पूरे दिन कला, संस्कृति और उत्साह के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम के आरम्भ में कालेज के प्राचार्य प्रो.धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी निर्णायक मण्डल के सदस्यों, अतिथियों तथा प्रतिभागियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार है, ऐसे आयोजन महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाते हैं।आज का कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया।प्रथम सत्र में सुभाषित एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। द्वितीय सत्र में लोकगीत व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रोफेसर अंजू सिंह तथा सहसंयोजन अग्नि प्रकाश शर्मा के द्वारा किया गया।प्रो.अंजू सिंह ने प्रतियोगिताओं के नियमों का वाचन करते हुए प्रतिभागियों को उत्साह, समर्पण एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ भाग लेने के हेतु प्रेरित किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में सुभाषित प्रतियोगिता हेतु -पूनम सिंह (सन्त अतुलानन्द रेजिडेंशियल अकाडमी), डा.सदानन्द (गवर्नमेंट पीजी कालेज चन्दौली),डा.सारिका सिंह (जगतपुर पीजी कॉलेज) तथा लोकगीत प्रतियोगिता हेतु – डा.साधना अग्रवाल ( राजकीय महाविद्यालय बीएलडब्ल्यू),प्रो.रचना शर्मा (राजकीय महिला महाविद्यालय बीएलडब्ल्यू),डा.अंजलि त्यागी(आर्य महिला पीजी कालेज),रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिता हेतु- डा.दिव्या पाल (श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज),डा.पिनाकी मुखर्जी (सन्त अतुलानन्द रेजिडेंशियल अकादमी) नियुक्त किए गए। निर्णायक मंडलों ने प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुति और अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा महाविद्यालय की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतिबिंब है। प्रतियोगिताओं में कॉलेज की छ: संकायों से चयनित छात्र छात्राओं ने सक्रिय प्रतिभाग किया। सुभाषित प्रतियोगिता में प्रत्येक संकाय से तीन-तीन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वही लोकगीत प्रतियोगिता में प्रत्येक संकाय की एक-एक टीम ने अपनी प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में विशेष आकर्षण रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं की रही। जिसमें रंगोली प्रतियोगिता की थीम “काशी” रखा गया। जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों ने काशी की आध्यात्मिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक छवियों को रंगों के माध्यम से अत्यंत मनोहारी रूप में प्रस्तुत किया, तथा पेंटिंग प्रतियोगिता की थीम “राष्ट्रीय एकता ” निर्धारित की गई थी। विद्यार्थियों ने विविधता में एकता देशभक्ति, सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को अपनी चित्रकला में अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। दोनों प्रतियोगिताओं की प्रस्तुतियों ने निर्णायकों एवं दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इस कार्यक्रम के समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ सह-संयोजक अग्नि प्रकाश शर्मा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों निर्णायकों प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय ऐसे आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों की व्यक्तित्व विकास हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा। इस अवसर पर प्रो. सुधीर कुमार राय, प्रो. संजय शाही, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, प्रो. रमेशधर द्विवेदी, डा. अनिल कुमार सिंह, डा. अनूप कुमार सिंह, प्रो. रश्मि सिंह,प्रो.अलका रानी गुप्ता, प्रो. मनोज प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. गोरखनाथ पाण्डेय, डॉ. राजीव सिंह, श्री प्रताप गौतम, श्वेता सोनकर, चंदन कुमार, डा. रश्मि सिंह, डा. विमर्श मिश्रा, डा. रूपेश मोहिले, सहित अनेक सम्मानित प्राध्यापकगण एवं सैकड़ो की संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी

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