वाराणसी राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट-– विधिक सेवा प्राधिकरण में सुलह समझौते के आधार पर शुक्रवार को दो बिखरे परिवारों के बीच निपटान करार किया गया। इस दौरान 21 जुलाई को प्रियंका कुमारी पत्नी मनीष कुमार निवासिनी कादीपुर थाना शिवपुर जिला वाराणसी जिनकी पहचान संतोष कुमार सिंह अधिवक्ता द्वारा की गई। वहीं मनीष कुमार पुत्र धनराज दुइजा देवी, धनराज, आशीष कुमार निवासीगण सलारपुर थाना सारनाथ जिला वाराणसी जिनकी पहचान लाल बहादुर लाल अधिवक्ता द्वारा की गई। इनके मध्य सुलह करार किया गया। क्योंकि इन दोनों पक्षकारों के मध्य विवाद और मतभेद हो गया था और मई 2026 को आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के समक्ष प्री लिटिगेशन संख्या 428/26 वाद दाखिल की गई थी। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी द्वारा 25.05.26 को पारित आदेश द्वारा यह मामला निर्दिष्ट हुआ कि पक्षकारगण सहमत हैं। धीरेंद्र शर्मा उनके मध्यस्थ के रूप में कार्य करेंगे। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान 25.05.26 से 21.07.26 तक बैठकें हुई और पक्षकारगण उपस्थित हुए। मतभेदों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ के द्वारा समाधान कर लिया गया है। पक्षकार गण यहां पुष्टि करते हैं कि उन्होंने मध्यस्थ की उपस्थिति में स्वेच्छया और अपनी स्वतंत्र इच्छा से निपटान का करार किया है। निपटान करार के जरिए यह तय हुआ कि दोनों पक्ष अलग-अलग रहेंगे। एक मुश्त भरण पोषण 50,000/ प्रथम पक्ष को द्वितीय पक्ष देवेगा।यह कि 25,000/ 13 बी के दाखिला पर द्वितीय पक्ष प्रथम पक्ष को देवेगा एवं शेष 25,000/ रुपया निर्णय बयान पर देवेगा। यह कि पक्षों के मध्य कोई संतान नहीं है।पक्षगण आपसी सहमति से 13 बी एक सप्ताह के अंदर दाखिल करेंगे तथा दोनों पक्ष अन्य मुकदमा को आपसी सहमति से समाप्त करा लेवेंगे तथा 25,000/धारा 13 बी हि0वि0अधि0 के दाखिला पर जरिये चेक संख्या 025679 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा लेढ़ूपुर का देवेगा एवं उभयपक्ष अलग-अलग रहकर स्वतंत्र रूप से जीवन बसर करेंगे। इस करार पर हस्ताक्षर करके पक्षकारगण यह बयान करते हैं कि वाद संख्या 610/26 के संबंध में एक दूसरे के विरुद्ध उनका अब कोई दावा या मांग नहीं रह गया है और मध्यस्थ की प्रक्रिया के माध्यम से इस संबंध में इसके पक्षकारों ने विवादों और मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाकर हस्ताक्षर किया है।