रिपोर्टर, जगदीश शुक्ला जौनपुर/बदलापुर।कहा जाता है। कि सुख में तो हर कोई साथ खड़ा दिखाई देता है। लेकिन दुख की घड़ी में जो हाथ किसी के आँसू पोंछने के लिए आगे बढ़ते वही वास्तव में अपना कहलाने का अधिकार रखता है। चांदपुर, महाराजगंज निवासी स्वर्गीय सूर्य प्रकाश शर्मा ‘बबलू’ के विद्युत दुर्घटना में आकस्मिक निधन की हृदयविदारक खबर ने पूरे क्षेत्र को शोक की गहरी संवेदना में डुबो दिया। उनके असमय निधन ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया।ऐसे विषम परिस्थिति में भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति ने यह सिद्ध कर दिया कि समाज की वास्तविक शक्ति उसके पदों और प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि उसके संवेदनशील हृदय और सामाजिक उत्तरदायित्व में निहित होती है। संस्था के पदाधिकारी पीड़ित परिवार के बीच पहुँचे, उन्हें ढांढस बंधाया और आर्थिक सहयोग का चेक प्रदान कर यह संदेश दिया कि समाज अपने लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ता।
यह केवल आर्थिक सहायता नहीं थी। बल्कि टूट चुके परिवार के लिए यह विश्वास का वह दीपक था। जिसने उन्हें यह एहसास कराया कि उनके दुःख में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
समाज के लिए एक आत्ममंथन का अवसर
आज आवश्यकता केवल शोक व्यक्त करने की नहीं, बल्कि आत्ममंथन की भी है। हमें स्वयं से यह प्रश्न पूछना होगा कि क्या हमारा सामाजिक दायित्व केवल आयोजनों और सम्मान समारोहों तक सीमित है। या फिर हम अपने समाज के अंतिम व्यक्ति के दुःख में भी उसी आत्मीयता के साथ खड़े हैं।किसी परिवार के घर का चिराग बुझ जाने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। ऐसे समय में यदि समाज एकजुट होकर पीड़ित परिवार का हाथ थाम ले, तो यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। स्वर्गीय सूर्य प्रकाश शर्मा ‘बबलू’ के निधन हम सभी के लिए एक संदेश है। कि हमें सामाजिक संवेदनाओं को और अधिक सशक्त बनाना होगा।पीड़ित परिवार को दिया संबल, शीर्ष नेतृत्व ने बंधाया ढांढस श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने एक स्वर में कहा कि समाज इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। और भविष्य में भी हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
दिनेश चन्द्र शर्मा (संस्था अध्यक्ष)
मनोज कुमार शर्मा (प्रधान महासचिव एवं जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी मजदूर सभा, जौनपुर)
विनोद कुमार शर्मा ‘सोनू’ (जिलाध्यक्ष)
अशोक कुमार शर्मा (कोषाध्यक्ष)
विनोद शर्मा (अध्यक्ष, सैलून संघ बदलापुर)
ललित शर्मा (जिला उपाध्यक्ष, जौनपुर)
प्रमोद कुमार शर्मा (सचिव)
डॉ. जय प्रकाश शर्मा (उपाध्यक्ष)
राकेश शर्मा (तहसील अध्यक्ष, मछलीशहर)
मनीष शर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, मुंगरा बादशाहपुर)
मुकेश शर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, सुजानगंज)
श्याम बहादुर शर्मा (तहसील अध्यक्ष, बदलापुर)
प्रमोद शर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, बक्शा)
संतोष शर्मा,सुशील शर्मा एवं संस्था के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई तथा शोक संतप्त परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।
समाज की पहचान उसके बड़े नामों से नहीं, बल्कि उसके बड़े हृदय से होती है। जो समाज अपने दुःखी और पीड़ित लोगों का हाथ थामना सीख जाता है। उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। आज आवश्यकता है। कि हम आलोचना नहीं, बल्कि सहयोग की संस्कृति को आगे बढ़ाएँ। दुःख की इस घड़ी में हर संवेदनशील व्यक्ति का कर्तव्य है। कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हो और मानवता के इस धर्म का निर्वहन करे।
मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान उसका पद नहीं बल्कि किसी के आँसू पोंछने की उसकी क्षमता होनी चाहिए।