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जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ की नाव से गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

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वाराणसी दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर बाढ़ की तैयारियों एवं वर्तमान परिस्थितियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने नमो घाट से एनडीआरएफ की नाव के माध्यम से गंगा नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण करने के पश्चात गंगा एवं वरुणा नदी के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़ते हुए सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न तटवर्ती एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव के माध्यम से निरीक्षण किया।                              निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के वर्तमान जलस्तर, जल प्रवाह की स्थिति, तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं, नदी के किनारे बसे आबादी वाले क्षेत्रों तथा ऐसे स्थानों का विशेष रूप से जायजा लिया। जहां जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में जनसामान्य के प्रभावित होने की संभावना रहती है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्रवार स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर पर निरंतर एवं सतर्क निगरानी रखी जाए तथा जलस्तर में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि नदी के जलस्तर, प्रवाह एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होने से पूर्व आवश्यक एहतियाती कदम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित बाढ़ राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, आवश्यक संसाधनों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं को सक्रिय एवं क्रियाशील स्थिति में रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलम्ब के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। साथ ही, एनडीआरएफ एवं अन्य संबंधित बचाव दलों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।                                           जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में निवास कर रहे परिवारों से अपील की कि वे नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के प्रति सतर्क रहें तथा प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी चेतावनियों एवं दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे अथवा निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने तहसीलदार सदर को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वरुणा नदी के तट पर निवास कर रहे परिवारों के बीच घर-घर जाकर जनजागरूकता एवं सतर्कता अभियान चलाया जाए। संबंधित परिवारों को संभावित बाढ़ की स्थिति, जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों एवं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं के संबंध में स्पष्ट रूप से जानकारी दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नदी तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सचेत किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित निकासी में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जीरो-रिस्पांस टाइम के उद्देश्य से सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक, राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा जाए तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की भी निरंतर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में पूर्व तैयारी, सतत निगरानी, समयबद्ध सूचना एवं त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सजगता के साथ कार्य करते हुए किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर विनीत कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध कमिश्नरेटवाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 25,000 से अधिक लोगों को विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, कैंपों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों आदि पर जाकर साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सावधानियों से अवगत कराते हुए साइबर अपराध से बचाव संबंधी पम्पलेट एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा आमजन हेतु सतर्कता एवं जागरूकता संदेश साइबर अपराध से बचाव हेतु आमजन निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियों का सदैव पालन करें— 1.अपने बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी जैसे ATM/डेबिट कार्ड, PIN, CVV, OTP, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, ATM/डेबिट कार्ड अथवा SIM कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। 2.”बिना परीक्षा सीधे भर्ती”, “घर बैठे मोटी कमाई”, “आसान नौकरी” अथवा “कम समय में अधिक आय” जैसे आकर्षक एवं भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहें। नौकरी के नाम पर जॉइनिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी फीस, GST अथवा अन्य किसी शुल्क के रूप में अग्रिम धनराशि की मांग किए जाने पर विशेष सतर्कता बरतें। 3.मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) एवं पिरामिड चेन आधारित योजनाओं में निवेश अथवा सहभागिता करने से पूर्व संबंधित संस्था/कम्पनी की वैधता एवं पंजीकरण की जानकारी अधिकृत सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें। कम्पनी के पंजीकरण एवं कॉरपोरेट विवरण की जांच हेतु MCA (Ministry of Corporate Affairs) के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। 4.अज्ञात अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, एप्लीकेशन अथवा SMS Forwarder जैसी संदिग्ध फाइल/एप को कदापि डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने से पूर्व उसके स्रोत एवं विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। 5.ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ एवं त्वरित लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्लेटफॉर्म से दूर रहें। ऐसे प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग/व्यक्तिगत जानकारी साझा करने अथवा धनराशि जमा करने से बचें। 6.साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। किसी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, धनराशि को होल्ड कराने एवं रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। **सतर्क रहें—सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।** किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।वाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 25,000 से अधिक लोगों को विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, कैंपों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों आदि पर जाकर साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सावधानियों से अवगत कराते हुए साइबर अपराध से बचाव संबंधी पम्पलेट एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा आमजन हेतु सतर्कता एवं जागरूकता संदेश साइबर अपराध से बचाव हेतु आमजन निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियों का सदैव पालन करें— 1.अपने बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी जैसे ATM/डेबिट कार्ड, PIN, CVV, OTP, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, ATM/डेबिट कार्ड अथवा SIM कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। 2.”बिना परीक्षा सीधे भर्ती”, “घर बैठे मोटी कमाई”, “आसान नौकरी” अथवा “कम समय में अधिक आय” जैसे आकर्षक एवं भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहें। नौकरी के नाम पर जॉइनिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी फीस, GST अथवा अन्य किसी शुल्क के रूप में अग्रिम धनराशि की मांग किए जाने पर विशेष सतर्कता बरतें। 3.मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) एवं पिरामिड चेन आधारित योजनाओं में निवेश अथवा सहभागिता करने से पूर्व संबंधित संस्था/कम्पनी की वैधता एवं पंजीकरण की जानकारी अधिकृत सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें। कम्पनी के पंजीकरण एवं कॉरपोरेट विवरण की जांच हेतु MCA (Ministry of Corporate Affairs) के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। 4.अज्ञात अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, एप्लीकेशन अथवा SMS Forwarder जैसी संदिग्ध फाइल/एप को कदापि डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने से पूर्व उसके स्रोत एवं विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। 5.ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ एवं त्वरित लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्लेटफॉर्म से दूर रहें। ऐसे प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग/व्यक्तिगत जानकारी साझा करने अथवा धनराशि जमा करने से बचें। 6.साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। किसी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, धनराशि को होल्ड कराने एवं रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। **सतर्क रहें—सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।** किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।वाराणसी का सशक्त अभियान: अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को राहत एवं आमजन में व्यापक साइबर जागरूकता ।*  दिनांक 14.09.2026 को श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर थाना एवं साइबर सेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराध संबंधी शिकायतों एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया।  श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संचालित विभिन्न साइबर पोर्टलों का स्वयं अवलोकन एवं समीक्षा की गई। साथ ही, कंप्लेंट रजिस्टर में दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।  साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। शिकायतों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।  शिकायतकर्ताओं को साइबर थाना एवं साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराने में सुविधा प्रदान करने तथा पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु समर्पित शिकायत सहायता कक्ष (Dedicated Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।  उक्त शिकायत सहायता कक्ष में समर्पित पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया, जो पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा उपलब्ध विधिक एवं तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा पिछले 01 वर्ष मे साइबर अपराध एवं अपराधियो के विरूद्व की गयी कार्यवाही का विवरण- उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल जी के निर्देशन तथा श्रीमती नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष में साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी की धनराशि की रिकवरी एवं साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। श्री नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण एवं श्री विदुष सक्सेना, श्री विनय द्विवेदी एवं श्री अपूर्व पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के मार्गदर्शन में, श्री उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम एवं श्री मनोज तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल के नेतृत्व में विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यवाही की गई। विगत एक वर्ष में साइबर गैंग एवं अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, NCRP शिकायतों का निस्तारण, ठगी की धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जन-जागरूकता अभियान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। उक्त कार्यवाहियों का समेकित विवरण निम्नवत् प्रस्तुत है:- 1.साइबर गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके सरगना सहित कुल 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करते हुए साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में कुल 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अभियोगों से संबंधित लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। 3. अवैध कॉल सेन्टर के विरुद्ध कार्यवाही साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 15 अवैध रूप से संचालित कॉल सेन्टरों का भंडाफोड़ करते हुए उनके संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा उक्त कार्यवाहियों में संलिप्त कुल 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा बिना नियामकीय प्रावधानों एवं संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किए निवेश संबंधी अवैध कॉल सेन्टर संचालित कर आमजन को अत्यधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके अतिरिक्त विदेशी नागरिकों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ट से संबंधित PPC Services उपलब्ध कराने के नाम पर स्वयं को Federal अथवा American Officials बताकर भयभीत एवं भ्रमित करते हुए साइबर ठगी की घटनाएं कारित की जा रही थीं। इसी प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, GST फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर आमजन से धनराशि की ठगी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की गई। 4. NCRP शिकायतों का निस्तारण एवं ठगी की धनराशि की रिकवरी साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 16982 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। प्रभावी त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराध से संबंधित 25 करोड की धनराशि को होल्ड कराया गया, जिससे ठगी की धनराशि को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोका जा सका। नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को 4.5 करोड की धनराशि उनके संबंधित बैंक खातों में वापस कराई गई। 5. साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर एवं मोबाइल डिवाइस के विरुद्ध कार्यवाही साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त कुल 10176 मोबाइल नम्बरों तथा उनसे संबंधित 8262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर को ब्लॉक कराया गया, जिससे उक्त मोबाइल नम्बरों एवं डिवाइसों का साइबर अपराध में पुनः दुरुपयोग किए जाने की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सका तथा संबंधित डिवाइसों को निष्क्रिय कराया गया। 6. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही साइबर अपराध से संबंधित पंजीकृत अभियोगों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुल 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना एवं उनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।7. साइबर अपराधियों के चंगुल से व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं झांसे में लेकर मल्टीलेवल मार्केटिंग/अन्य साइबर अपराधों में संलिप्त किए जाने के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 550 व्यक्तियों को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके परिजनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित सुपुर्दगी/पुनर्वास की कार्यवाही की गई। 8. साइबर अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने एवं आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त कुल 17 अदद चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया तथा बरामद वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई।9. साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता अभियान साइबर क्राइम पुलिस वार

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