सलीम मंसूरी की रिपोर्टजमानियां। भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल के फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल कर जमानियां नगर पालिका परिषद कार्यालय में चार करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत कराने के झूठी मामले को लेकर रविवार को क्रमिक धरना दे रहे। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मेरे सम्मान के साथ बेबुनियादी झूठा आरोप लगाया गया है। भाजपा एमएलसी के फर्जी लेटर पैड से 4 करोड़ की स्वीकृति पर पालिका अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज होने के बाद चेयरमैन समर्थकों में उबाल एमएलसी के फर्जी और झूठा आरोप लगाए जाने के खिलाफ पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने अपने समर्थकों के साथ रामलीला चबूतरे पर आरंभ किया क्रमिक धरना। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सामंती ताकतों के खिलाफ हमेशा से दो दो हाथ करने को तैयार रहता हूँ। किसी भी दशा में उनके सामने झुका नहीं हूं। और ना ही झुका का। उन्होंने कहा कि मेरे लोकप्रियता से ऐसे मानसिकता के लोग घबराए हुए है। लेकिन जय प्रकाश गुप्ता पीछे हटने वाला व्यक्ति नहीं है। उन्होंने बताया कि भाजपा एमएलसी के फर्जी लेटर पैड से 4 करोड़ की स्वीकृति हुई है। वह बेबुनियादी और सरासर झूठा आरोप लगाया गया है। यहां तक कि मेरे उपर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। इसका जवाब जमानियां की आवाम समय आने पर अवश्य देगी। यह सोची समझी साजिश के तहत पालिका अध्यक्ष पर झूठा आरोप लगाया गया है। बताया जाता है। कि भाजपा के विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल के फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल कर शासन से नगर पालिका परिषद जमानियां में विकास कार्यों के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत करने की शिकायत मिली है। यह प्रकरण तब सामने आया जब शासन से धन स्वीकृति की एमएलसी को सूचना मिली। एमएलसी ने डीएम और एसपी से शिकायत की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी जमानियां अंकित तिवारी बीते शुक्रवार को नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंचकर ईओ से जानकारी ली। नगर पालिका परिषद जमानियां में प्रकाश और अन्य कार्य योजना बनाकर भाजपा एमएलसी का फर्जी लेटर पैड के आधार पर करीब चार करोड़ रुपये स्वीकृत कराने का आरोप लगाया गया है। इसका पता एमएलसी को तब चला जब शासन से स्वीकृत का फोन आया। यह सुनकर एमएलसी हैरान हुए। उन्होंने शासन को भेजे गए उनके लेटर पैड और हस्ताक्षर का मिलान किया तो दोनों फर्जी पाए गए। एमएलसी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डा.ईरज राजा से की। एमएलसी का फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर का प्रयोग करने की शिकायत मिलते ही पुलिस-प्रशासन ने अपने-अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर ईओ से संपर्क कर जानकारी लेना चाहा। ईओ जानकारी देने से साफ इन्कार कर दिया। उधर,जांच को लेकर चेयरमैन व सीओ में कहासुनी भी हुई। जिसके बाद पालिका अध्यक्ष एवं समर्थकों द्वारा झूठा आरोप लगाए जाने को लेकर क्रमिक धरना शुरू की गई। धरना के दूसरे दिन यानि रविवार को पूर्व नगर पंचायत दिलदारनगर के पूर्व अध्यक्ष रमाशंकर फौजी, बी,के त्रिवेदी, राजू गुप्ता, कमलेश गुप्ता, जेपी गुप्ता, ध्रुव गुप्त, शमीम अंसारी, अनिल पाण्डेय, रमाशंकर पांडेय, भाजपा मीडिया प्रभारी संजीत कुमार यादव सहित आदि पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।