रिपोर्ट सलीम मंसूरी की
जमानियां। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता और सफाई के क्षेत्र में देश की उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित करते हुए। बताया गया कि देश भर में करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। इसके बाद भी खुले में शौच जारी है।
नगर पालिका परिषद द्वारा गंगा नदी घाट के आसपास शौचालय निर्माण कराकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित किया है। इसके बावजूद गंगा किनारे निवास करने वाले लोग आज भी खुले में शौच कर सरकार की मंशा पर पानी फेरदिया है। भाजपा व्यापार मंडल के युवा जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण और नगरी क्षेत्र में खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों पर शौचालय का निर्माण कराया गया। नगर कस्बा में जन स्वास्थ्य और सम्मान में परिवर्तन लाया जा सके। उन्होंने कहा कि 2019 में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया। जिसके चलते ओडीएफ प्लस बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा कि पुनः एक बार भी खुले में शौच पर प्रतिबंध लगाने के लिए स्वच्छता आंदोलन स्वच्छता के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत पड़ने लगी है। गुप्ता ने कहा कि शौचालय के ज़िम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक साल तक चलने वाले अभियान टॉयलेट पास है। और मैं साफ़ ही अच्छा हूँ का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य समुदायों में शौचालय के ज़िम्मेदाराना उपयोग और स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देना है। जैसे स्वच्छ आदतें बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही अच्छी स्वच्छता की आदतें विकसित किया जाना चाहिए।















