वाराणसी अरविंद कुमार की रिपोर्ट काशी दर्शन और घूमने आए भारतीय सेना के एक अधिकारी के परिवार के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता और धक्का देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद नाराज परिवार ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सेना के अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह अपने परिवार के करीब 10 सदस्यों के साथ नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने जा रहे थे। उनके मुताबिक, फिल्म का शो शाम 6:30 बजे का था और उनके पास टिकट भी मौजूद थे। जिस स्थान पर घटना हुई, वहां से सिनेमाघर करीब 500 मीटर की दूरी पर था और परिवार रिक्शे से जा रहा था।
अधिकारी का आरोप है कि इसी दौरान सफेद कपड़ों में आए दो पुलिसकर्मियों ने उनके रिक्शे को जोर से धक्का दिया। रिक्शे में करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी बैठी थीं, जिन्हें कथित तौर पर चोट आई। जब परिवार ने पुलिसकर्मियों से धक्का देने का कारण पूछा तो आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और परिवार के लोगों के साथ अभद्रता करते हुए कॉलर पकड़ लिया।
अधिकारी के अनुसार, जब परिवार ने इसका विरोध किया तो मौके पर एक और व्यक्ति पहुंचा। घटना के बाद परिवार ने प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की। उनका कहना है कि प्रशासन के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और करीब 10 से 15 मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन उन्हें तत्काल कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने सड़क पर बैठकर विरोध करने का फैसला किया।
सेना के अधिकारी ने कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो समेत कई साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर अभद्रता और धक्का देने की कार्रवाई की है, वे अपनी गलती स्वीकार करें और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रशासन द्वारा मामले को स्वीकार करते हुए उचित न्याय दिलाना है। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।