कुलदीप बरनवाल की रिपोर्ट
लखनउ यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने बसपा सुप्रीमो मायावती के पुराने ब्राह्मण–हाथी समीकरण पर सीधा हमला बोला है।
पुराने नारों से किया याद
पाठक ने कहा कि मायावती ने ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा’ और ‘हाथी नहीं गणेश है’ जैसे नारों से ब्राह्मण समाज को लुभाया था। इसी फॉर्मूले से 2007 में बसपा ने बहुमत पाया, लेकिन बाद में वादे पूरे नहीं हुए।
रोहनिया-कैंट का कोऑर्डिनेटर रहा
पाठक ने बताया कि वह 2008 से 2010 तक रोहनिया विधानसभा में बसपा के कोऑर्डिनेटर थे। लोकसभा में बड़ी जीत के बाद उन्हें कैंट की जिम्मेदारी भी दी गई थी। तब ब्राह्मण नेताओं को टिकट का वादा किया गया था।
पैसे और अपमान का आरोप
उनका आरोप है कि जीत के बाद पार्टी में ब्राह्मण नेताओं को किनारे किया गया, आर्थिक दबाव बनाया गया और विरोध करने पर अपमानित कर निकाला गया। 5 साल बाद 2014 में उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया था।
ब्राह्मण समाज को चेतावनी
पाठक ने आगामी चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज से मायावती के बयानों से सतर्क रहने को कहा है और आशंका जताई कि सत्ता में आने पर SC/ST एक्ट और जमीन विवादों को लेकर सवर्ण समाज को परेशान किया जा सकता है।