वाराणसी। भारत स्काउट और गाइड, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के तहत बुधवार को विश्वविद्यालय के समस्त संबद्ध महाविद्यालय के प्राचार्य एवं रोवर्स रेंजर्स लीडर की संगोष्ठी आयोजित हुई। इस मौके पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि स्काउट गाइड विधा से बालकों में स्वयं के सशक्तिकरण, मानवीय मूल्यों का प्रादुर्भाव एवं दूसरों की भलाई करने का भाव विकसित होता है। इससे नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का उद्देश्य सुलभ, सजग और संवेदनशील व्यक्ति का निर्माण करना होता है। स्काउट गाइड हमेशा मानवता की रक्षा करने के लिए अग्रणी रहता है। जिला मुख्यायुक्त प्रो. रमाकान्त सिंह ने बताया कि रोवर रेंजर की राष्ट्रीय जम्बूरी छत्तीसगढ़ में जनवरी माह में आयोजित होगी, जिसमें प्रतिभाग करने हेतु महाविद्यालय अपने रोवर रेंजर का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने संगोष्ठी के उद्देश्य, महाविद्यालयों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण की स्थिति, प्रगतिशील प्रशिक्षण शिविर के आयोजन, जनपद एवं विश्वविद्यालय समागम इत्यादि के बारे में विस्तार से चर्चा की। संस्था की जिलासचिव एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने कहा कि रोवर रेंजर शुल्क के विश्वविद्यालय एवं प्रादेशिक अंश पूर्व में निर्गत पत्र के अनुसार महाविद्यालय को विश्वविद्यालय में जमा करना होगा। कुलसचिव ने विश्वविद्यालय स्तर पर किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भारत स्काउट और गाइड के कार्यालय को स्थापित करने हेतु आवश्यक स्थान प्रदान करने की बात कही। कार्यक्रम में स्काउट गाइड संस्था के जिला मुख्यायुक्त प्रो. रमाकान्त सिंह, सहायक जिला आयुक्त रेंजर प्रो. अंजू सिंह, जिला संगठन आयुक्त रोवर डॉ. नौशाद अली, जिला संगठन आयुक्त रेंजर डॉ. अमिता श्रीवास्तव, जिला प्रशिक्षण आयुक्त रोवर निलेश जायसवाल, जिला प्रशिक्षण आयुक्त रेंजर रितेशनी मिश्रा को अधिकार पत्र एवं परिसर में प्रवेश प्रशिक्षण प्राप्त किए हुए स्काउट एवं गाइड को प्रमाण पत्र कुलपति प्रो. त्यागी द्वारा दिया गया। संचालन जाकिर हुसैन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रीतम उपाध्याय, डॉ. अंकित सिंह, डॉ. साधना यादव, डॉ. भावना, डॉ. दिलशाद अंसारी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. रजनीश, डॉ. अर्चना आदि ने प्रतिभाग किया। कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी