वाराणसी प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को स्पेशल दर्शन कराने के नाम पर दुर्व्यवहारऔर धन उगाही करने का मामला सामने आया है इस संबंध में दशाश्वमेध पुलिस ने सोमवार को 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को लगातार श्रद्धालुओं से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग मंदिर परिसर व आस-पास उन्हें जल्दी दर्शन कराने या विशेष व्यवस्था का लालच देकर भारी रकम वसूल रहे थे। साथ ही, कई बार अनुपालन न करने पर श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता था।इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुप्त जुटाई और सुनिश्चित सबूतों के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार लोगों पर धारा 420 (ठगी), 506 (आपराधिक धमकी) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया श्रद्धालुओं से मिली विश्वसनीय शिकायतों और अपनी जांच के आधार पर हमने यह कार्रवाई की है। यह लोग मंदिर में आने वाले भक्तों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों और बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। इनकी गतिविधियों पर पहले भी नजर थी। हम मंदिर परिसर व उसके आस-पास इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”मंदिर प्रशासन ने जताई सहमति काशीविश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में दर्शन की सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और निशुल्क हैं। किसी भी तरह का विशेष दर्शन या फास्ट-ट्रैक व्यवस्था का प्रस्ताव ठगी है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं को सार्वजनिक घोषणाओं और सूचना बोर्डों के माध्यम से सचेत करता रहता है।श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाइस गिरफ्तारी की खबर से मंदिर आने वाले श्रद्धालु खुश नजर आए कई भक्तों ने बताया कि उनके साथ भी पहले ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां उनसे अतिरिक्त पैसे मांगे गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई से मंदिर परिसर में ऐसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और भक्तों को दर्शन में सुविधा होगी।पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना है कि इस नेटवर्क के और लोगों के बारे में पता चल सकेगा। साथ ही, मंदिर क्षेत्र में सीसीटीवी कवरेज और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं का रोकथाम