वाराणसी। करमनवीर, बिचलापुरा (सुसुवाही, बीएचयू) क्षेत्र से वर्ष 2016 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 45 वर्षीय चुन्नी लाल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सक है। लगभग नौ वर्ष बीत जाने के बावजूद उनके परिजन चुन्नीलाल की उम्मीद खो बैठे हैं। पुलिस जांच से लेकर समाजिक प्रयासों तक—कहीं भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है।लापता चुन्नी लाल का रंग गेहूंआ, कद लगभग 5 फीट 4 इंच बताया जाता है। वह आखिरी बार 31 जुलाई 2016 को देखा गया था, जिसके बाद से आज तक उनका कोई अता-पता नहीं लग पाया है। उनकी गुमशुदगी के बाद परिवारजन ने तत्काल पुलिस में मामला दर्ज कराया था, लेकिन कई दौर की जांच-पड़ताल, पड़ोसियों से पूछताछ, विभिन्न थानों, अस्पतालों और सूचना तंत्र के माध्यम से खोजबीन के बाद भी पुलिस हाथ खाली ही रही।परिवार की मानें तो नव वर्ष बीत जाने के बाद अब लौट की उम्मीद छोड़ चुके हैं। मगर समय बीतने के साथ हालात और मानसिक पीड़ा दोनों बढ़ती जा रही हैं। परिजन बताते हैं कि इतने वर्षों से तारीखें बदल गईं, मौसम बदल गया, लेकिन चुन्नी लाल की खबर आज तक नहीं बदल सकी।कानूनी प्रावधानों के अनुसार—जब कोई व्यक्ति लगातार सात वर्ष तक लापता हो और उसके जीवित होने की कोई पुष्टि न मिले, उसे मृत मान लिया जाता है।