वाराणसी — कमिश्नरी सभागार में दिनांक 26 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक चल रहे बाल कवि सम्मेलन प्रतियोगिता का गुरुवार को समापन किया गया। तत्पश्चाप विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 तक एक वर्ग एवं कक्षा 9 से 12 तक के दूसरे वर्ग में बच्चों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बनारस मे सूफी पद्धति के कबीर दास, प्रेम के तुलसीदास एवं भक्ति के रविदास सभी लोग काशी में रहे हैं। इसके बाद की पीढ़ी में मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद एवं खड़ी बोली को हिंदी भाषा का स्तंभ बनाने वाले भारतेंदु हरिश्चंद्र सभी लोग बनारस में ही रहे हैं। इसके आगे की पीढ़ी में चकाचक बनारसी,सांड़ बनारसी, डंडा बनारसी, भैया जी बनारसी, यह सब लोग बनारसी अंदाज के बनारसी कवि रहे हैं। मेरी मन्सा है कि इस प्रतियोगिता में विजेता बच्चों के नाम के आगे युवा बनारसी कवि लगाया जाय। अगर विश्व में टैलेंट के लिए कविता की प्रतियोगिता हो तो उसका मेडल निश्चित रूप से भारत के युवा और बनारस के प्रतिभाशाली बच्चों के नाम होगा। हम इन बच्चों से आग्रह करते हैं कि धर्म जाति से विरत होकर अपने देश को पहले स्थान पर रखते हुए भारत और बनारस का नाम रोशन करें। महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद नरेंद्र मोदी ने कला, संस्कृति, खेलकूद एवं कविता के क्षेत्र में बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए यह मंच उपलब्ध कराया है। आज इन बच्चों की स्वरचित कविताएं सुनकर लगता है कि बनारस में प्रतिभा की कमी नहीं है। यह बच्चे कल के भविष्य हैं और बनारस का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने में कामयाब होंगे। वाराणसी के प्रथम नागरिक महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी जो सोचते हैं, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। पिछले महीने वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के समय कोच के अंदर एक बच्चे ने अपनी कविता उनको सुनाई थी, तब उन्होंने पूछा कि बच्चों के लिए आप लोग क्या सोचते हैं। हम लोग इस विषय पर कुछ नहीं बता सके। तब प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बच्चों के लिए प्रतियोगिता आयोजित कराये जाने हेतु मंच उपलब्ध कराने की सलाह दिया। उनकी प्रेरणा से ही प्रेरित होकर नगर निगम ने इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया और विजेताओं के लिए प्रथम पुरस्कार 50,000/ द्वितीय पुरस्कार 30,000/ रुपए व तृतीय पुरस्कार 20,000/घोषित किया गया। इन बच्चों की प्रतिभाओं को देखकर लगता है कि अगर इनको अवसर मिलेगा तो यह पूरी दुनिया में बनारस का नाम ऊंचा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मैं इस मंच से घोषणा करता हूं कि अगले साल नगर निगम प्रतियोगिता की धनराशि को दुगना करेगा। मैं बच्चों की कविताओं से आत्मविभोर हूं और उनके लिए मेरी शुभकामनाएं हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने भी अपना विचार व्यक्त किया और कहा कि जिस तरह की प्रतिभा इन बच्चों में दिखाई दी उस तरह की प्रतिभा हम लोगों के बचपन में अकल्पनीय थी और इस तरह का कोई मंच भी उपलब्ध नहीं रहा। आज प्रधानमंत्री की प्रेरणा और जिला प्रशासन के सहयोग से हर क्षेत्र में इस तरह का मंच उपलब्ध है। इस अवसर पर अतिथियों ने विजेताओं को मेडल प्रमाण पत्र एवं डमी चेक प्रदान किया। चेक की धनराशि नगर निगम विजेताओं के खाते में डाल मे ट्रांसफर कर देगा। पुरस्कार पाने वाले कक्षा 6 से 8 वर्ग के बाल कवियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रत्यूष चौरसिया, द्वितीय स्थान कौस्तुभ शुक्ला व तृतीय स्थान कार्तिक यादव को दिया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में चंद्रशेखर उपाध्याय, अवधेश राय, रणंजय सिंह, जेपी सिंह, अखिलेश सिंह सन्नी, कविन्द्र जायसवाल, मीडिया प्रभारी अशोक कुमार पाण्डेय, प्रवीण पाण्डेय आदि उपस्थित पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी