वाराणसी, काशी दीप विजन ब्यूरो: नवीन प्रकाश सिंह।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन आज 387वें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में बनारस के बिजली कर्मियों ने अन्य जनपदों की भांति जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और निजीकरण को ऊर्जा प्रबंधन की असफलता करार दिया।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा निगमों में सुधार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन पावर कॉरपोरेशन का प्रबंधन जानबूझकर सुधार की दिशा में कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा बनाई गई नीतियां सुधारोन्मुखी न होकर घाटा बढ़ाने वाली साबित हो रही हैं।संघर्ष समिति ने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक द्वारा संसद में दिए गए वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि देश के सभी डिस्कॉम में सुधार हुआ है और उत्तर प्रदेश में लाइन लॉस में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो अब केंद्रीय मानक से मात्र 4 प्रतिशत अधिक है। यदि समय से कर्मचारियों की भर्ती की जाए तो इस अंतर को भी जल्द ही समाप्त किया जा सकता है, लेकिन ऊर्जा प्रबंधन ऐसा नहीं चाहता।संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि बीते एक वर्ष के दौरान पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मियों, संविदा कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा निगमों में टकराव की स्थिति बन गई है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन दमनकारी कार्रवाइयों से निगमों में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की अपील करते हुए मांग की कि आंदोलन के नाम पर बिजली कर्मियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लिया जाए, ताकि बिजली कर्मी पूरे मनोयोग से उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर सकें।समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों का मुख्यमंत्री पर पूरा विश्वास है और उनके नेतृत्व में बिजली व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है तथा आगे भी सुधार के लिए वे संकल्पबद्ध हैं। साथ ही, संघर्ष समिति ने आह्वान किया कि आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता पर समाधान किया जाए और मुख्यमंत्री द्वारा लाई गई बिजली बिल राहत योजना–2025 में पूरा सहयोग दिया जाए।सभा को ई.एस.के. सिंह, अंकुर पाण्डेय, राजेश सिंह, हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, अभिषेक शुक्ला, आशुतोष पाण्डेय, गुलशन कुमार, जे.पी. श्रीवास्तव, आजाद कुमार, आदित्य कुमार, सुबोध श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।