वाराणसी काशी दीप विजन ब्यूरो: नवीन प्रकाश सिंह।मोक्ष की नगरी काशी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था और लकड़ी विक्रेताओं की मनमानी पर नगर निगम ने सख़्ती शुरू कर दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर शनिवार को नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने घाट पर सघन अभियान चलाया।अभियान के दौरान घाट की सीढ़ियों और आवागमन मार्गों पर अवैध रूप से जमा लकड़ियों को हटवाया गया। नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब कोई भी दुकानदार घाट परिसर में तीन दिन से अधिक लकड़ी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को ठगी से बचाने के उद्देश्य से लकड़ी विक्रेताओं के लिए रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक दुकान पर दुकानदार का नाम, मोबाइल नंबर और लकड़ी की निर्धारित दरें स्पष्ट रूप से अंकित करनी होंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन के सहयोग से रामलीला कमेटी के पास जमा मलबे को हटाया गया। नगर निगम इस स्थान को दोपहिया वाहनों के पार्किंग स्टैंड के रूप में विकसित करेगा, जिससे घाट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके।इसी क्रम में ‘स्वच्छ काशी–सुंदर काशी’ अभियान के तहत नगर निगम शहर के पुराने कूड़ा घरों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर आधुनिक पोर्टेबल कॉम्पेक्टर ट्रांसफर सिस्टम (पीसीटीएस) स्थापित कर रहा है। अवलेशपुर में लगभग 10 बिस्वा भूमि पर पीसीटीएस निर्माण के लिए प्री-कास्ट बाउंड्रीवाल का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि हड़हासराय में अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई करीब छह बिस्वा जमीन को भविष्य में पार्किंग के रूप में विकसित किया जाएगा।अभियान में सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, नायब तहसीलदार शेष नाथ, कोतवाली जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण, एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।