सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
जमानियां। सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड बताया जाता है। कि (UPSGB) एक प्रमुख वित्तीय संस्थान है। जो प्रदेश के किसानों को कृषि और संबंधित कार्यों के लिए दीर्घकालिक ऋण प्रदान करता है। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। और साहूकारों के शोषण से मुक्ति मिलती है। मंगलवार को 10 बजे से लेकर 3 बजे का समय तक पर्चा खरीदने और जमा करने के लिए समय निर्धारित किया गया था। लेकिन सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड अध्यक्ष पद के लिए पर्चा खरीदना और जमा किया जाना था। जिसमें दो पर्चा खरीदा गया। एक पर्चा समय 3 बजे के आसपास जमा नहीं किए जाने पर रमाशंकर उपाध्याय को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। बताया जा रहा है। कि 1959 में स्थापित हुआ। और अपनी शाखाओं के माध्यम से लघु व सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करता है। बैंक के मुख्य कार्य और उद्देश्य दीर्घ कालिक ऋण कृषि कार्यों, कृषि आधारित उद्योगों, और संबद्ध गतिविधियों (जैसे बीज, उर्वरक, उपकरण) के लिए ऋण देना। ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें साहूकारों के चंगुल से निकालने में मदद करना है। इसके साथ ही युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना होता है। आर्थिक उन्नति के लिए कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान करना है। इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि खरीदी गई। दो पर्चा में एक पर्चा समय 3 बजे तक जमा नहीं किया गया। जिसके बदौलत एक उम्मीदवार रमाशंकर उपाध्याय को निर्विरोध घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद का निर्विरोध चुनाव जीतने वाले रमाशंकर उपाध्याय का नाम दीवार पर चस्पा कर दिया गया। उक्त मौके पर उक्त मौके पर सहकारी ग्राम विकास बैंक के मैनेजर आर के श्रीवास्तव, निर्वाचन अधिकारी विकास खंड अधिकारी अरविंद यादव रहे। मोहन कुमार पांडेय।