वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक कुमार द्वारा गुरुवार को पुनः एक बिखरे पति व पत्नी अंजलि मौर्या और मनोज मौर्या सूजाबाद निवासी के परिवार को सुलह करवाकर एक साथ करते हुए समाज में एक मिशाल कायम किया गया है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र नाथ शर्मा द्वारा बताया गया कि पक्षकारों के मध्य विवाद और मतभेद हो गए थे और नवंबर 2025 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के समक्ष प्रीलिगेशन संख्या 1355/25 वाद दाखिल की गई थी। जिसमें सचिव जिला प्राधिकरण वाराणसी द्वारा 02 दिसंबर 2025 को पारित आदेश द्वारा यह निर्दिष्ट किया गया था कि पक्षकार सहमत हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र नाथ शर्मा उनके मध्यस्थ के रूप में बतौर अधिवक्ता के पैरवी करेंगे। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान 02 दिसंबर 2025 से दिनांक 22 जनवरी 2026 तक बैठकें हुई और पक्षकार भी उपस्थित हुए। मतभेदों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ के द्वारा समाधान करवा लिया गया है। इस दौरान पति-पत्नी दोनों को गुरुवार को विधिक सचिव आलोक कुमार के समक्ष पेश किया गया। उभय पक्ष के संसर्ग से दो पुत्री क्रमशः सृष्टि मौर्य 8 वर्ष, चांदनी मौर्य 6 वर्ष और एक पुत्र यश मौर्य 3 वर्ष का है। इसकी देखभाल पक्षगण द्वारा करते रहने का संकल्प लिया गया। उभय पक्षों की विदाई विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक कुमार द्वारा गुरुवार को अपने चेंबर में रजामंदी के साथ विदाई कराया गया।