रवि शंकर राय की रिपोर्ट वाराणसी
वाराणसी। समाजशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को ‘सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में नई प्रवृत्तियां’ विषयक एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. कीर्ति पाण्डेय, संकायाध्यक्ष, समाज विज्ञान संकाय दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय तथा पूर्व अध्यक्ष उत्तर, प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सामाजिक विज्ञान के अनुसंधान के क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली नवीन चुनौतियों पर प्रकाश डाला। प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने सामाजिक अनुसंधान परिषद और यू.जी.सी. के द्वारा शोध के क्षेत्र में हो रहे विभिन्न नवाचारों एवं वर्तमान समय में क्रिया अनुसंधान के महत्व एवं प्रयोग की उपादेयता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही वैश्वीकरण के कारण सांस्कृतिक मूल्य, बाजार शोध की प्रवृत्ति में भी होने वाले व्यापक परिवर्तनों के बारे में भी व्यापक रूप से चर्चा की।अध्यक्षता करते हुए विभागध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने बताया की आज परम्परागत शोध को बदल कर ऐसे विषयों को चयन करने की आवश्यकता हैं, जो सरकार की नीतियों के वास्तविक क्रियान्वयन एवं प्रभाव का मूल्यांकन करने में सफल हो, जिससे नवीन नीतियों एवं कार्यक्रमों के निर्माण में सरकार को सहायता प्राप्त हो। स्वागत समाज विज्ञान संकाय की अध्यक्ष प्रो. रेखा, संचालन डाॅ. सौम्या यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जयप्रकाश यादव ने किया। इस अवसर पर पर्यटन अध्ययन संस्थान की निदेशक प्रो. भारती रस्तोगी, डाॅ. दिनेश सिंह कुशवाहा, डाॅ. कृष्ण मोहन द्विवेदी, डॉ. पीयूष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. संजय सोनकर आदि उपस्थित रहे।