सुकन्या सिंह की रिपोर्ट वाराणसी
वाराणसी। विश्व कल्याण की भावना से नौ दिवसीय श्री चंडी महायज्ञ का आयोज आगामी 11 से 19 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण (यज्ञ स्थल) पर किया जाएगा।
महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर 11 फरवरी को प्रातः 8:00 बजे एक भव्य कलश यात्रा अस्सी घाट से प्रारंभ होकर अस्सी चौराहा, पद्मश्री चौराहा होते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से यज्ञ वेदी पर कलश स्थापना की जाएगी।
यह जानकारी महायज्ञ के संकल्पकर्ता एवं दुर्गा मंदिर के महंत पंडित रमेश महाराज ने सोमवार दोपहर यज्ञ स्थल पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में मानव उत्थान एवं विश्व कल्याण के लिए आदिशक्ति की आराधना अत्यंत आवश्यक मानी गई है। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 से निरंतर चल रहे अनुष्ठान की यह 27वीं श्रृंखला है। महायज्ञ के निमित्त विगत 9 अक्टूबर से अष्टादश पुराण कथा, ध्वजारोहण एवं शक्ति पारायण जैसे विविध अनुष्ठान आयोजित होते रहे हैं।
महायज्ञ प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विविध वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाएंगे। सायंकाल कथा प्रवचन, भजन गायकों द्वारा भजन संध्या तथा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। महायज्ञ का समापन 19 फरवरी को होगा।
इस अवसर पर नीरज उपाध्याय, रविशंकर सिंह, संजय अग्रहरि तथा निशांत कुमार (विशाखापत्तनम) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे
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