वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट चुपचाप मेहनत करो, सफलता खुद तूफान लाएगी: केरल वॉलीबॉल टीम ने फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक जीता रायपुर 14 फरवरी 2026: “चुपचाप काम करो, सफलता खुद चक्रवात पैदा कर देगी।” यह बात बिल्कुल सही कही गई है। 37वीं फेडरेशन कप 2026 में केरल वॉलीबॉल टीम ने बालबीर सिंह जूनेजा इनडोर स्टेडियम, रायपुर (छत्तीसगढ़) में 3 से 8 फरवरी तक आयोजित टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाकर साबित कर दिया। फाइनल में भारतीय रेलवे को सीधे सेटों में 3-0 से हराकर न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि अपनी रणनीति और विजय की मिसाल कायम की। यह पदक स्टैंडिंग पर कब्जे की दौड़ में हमारी चतुराई और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है—हमने इसे बखूबी निभा दिया!इस शानदार उपलब्धि के पीछे विश्लेषक (स्काउटमैन) अश्वनी यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। केरल वॉलीबॉल एसोसिएशन ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी, जिसका वे बेहद आभारी हैं। अश्वनी ने अपनी गहन विश्लेषण क्षमता से टीम को मजबूत रणनीति प्रदान की, जो फाइनल में साफ दिखी। यह सफलता न केवल वर्तमान की जीत है, बल्कि टीम के भविष्य के प्रयासों के लिए एक मजबूत आधार भी है।अश्वनी यादव एक प्रख्यात वॉलीबॉल कोच और विश्लेषक हैं। उन्होंने ईरान से FIVB लेवल-1 इंटरनेशनल कोचिंग सर्टिफिकेशन कोर्स पूरा किया है, जो उनकी वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता को दर्शाता है। पिछले 7 वर्षों से वे TAV वॉलीबॉल अकादमी चला रहे हैं, जो खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान करती है। उनकी अकादमी से कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरे हैं, जो उनकी मेहनत का जीता-जागता प्रमाण हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मूल निवासी अश्वनी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व छात्र हैं, जिन्होंने खेल क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।इस अवसर पर श्री उपेंद्र सिंह (TAV के महासचिव), दिव्यांशु सिंह, हिमांशु सिंह, हिदायत, विकास चौबे और कई अन्य ने अश्वनी यादव को इस मील का पत्थर उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। उनकी शुभकामनाओं ने इस जीत को और खास बना दिया।यह स्वर्ण पदक केरल वॉलीबॉल के लिए नई ऊंचाइयों का संकेत है। अश्वनी यादव जैसे समर्पित लोगों की बदौलत भारतीय वॉलीबॉल का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है।