सुकन्या सिंह की रिपोर्ट
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सेंट्रल हिन्दू स्कूल (CHS) की वर्ष 2026 की प्रवेश प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों द्वारा आंदोलन तेज कर दिया गया है। मांगों को लेकर दो दिनों से जारी धरना के बाद आज से आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया गया है।
छात्र काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विवेक सिंह ने कहा कि यह आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में लॉटरी प्रणाली के माध्यम से बच्चों का भविष्य तय किया जा रहा है। यह प्रक्रिया कोरोना काल में प्रारंभ की गई थी, लेकिन अब इसे समाप्त किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ग्रामीण एवं साधारण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राएं कड़ी मेहनत कर प्रवेश की तैयारी करते हैं, परंतु लॉटरी व्यवस्था के कारण वे अवसर से वंचित हो रहे हैं।
विवेक सिंह ने यह भी कहा कि कक्षा 9 में छात्राओं को प्रवेश से वंचित रखा जा रहा है, जो “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” जैसे सरकारी नारों की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं आमरण अनशन पर बैठे विपुल सिंह ने कहा कि सरकार एक ओर बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि दो दिनों से शांतिपूर्ण धरना चल रहा था, परंतु मांगों पर कोई ठोस निर्णय न होने के कारण आज से आमरण अनशन प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से वार्ता हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) तक पहुंचाया जाएगा।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।