*SIR 2025-26*मैपिंग नहीं हो पा रही है, BLO परेशान, क्या करेगा चुनाव आयो?*
आखिर चुनाव आयोग के साइट से डाउनलोड किए गए 2003 की वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी मैपिंग नहीं हो पा रही है। कारण क्या हो सकता है?
आज दिनांक 9 दिसम्बर 2025,
रोहनिया विधानसभा 387 भाग संख्या 178 कन्दवा प्राथमिक विद्यालय की BLO द्वारा जानकारी दी जाती है कि आपके पूरे परिवार का SIR में मैपिंग नहीं हो पा रही है। मैं व्यक्तिगत रूप से BLO से मिला और उनके फोन पर अपने पिता एवं अपनी पुत्री के नामिनेशन फार्म को 2003 की वोटर लिस्ट के अनुसार भरा और सब्मिट किया, लेकिन परिणाम में मैसेज आया कि *Record not found*
आखिर ऐसा क्यों?
AI GROK से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, उससे प्राप्त उत्तर निम्नलिखित हैं:
मेरा प्रश्न: *उत्तर प्रदेश में SIR चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे हैं। मेरा नाम 2003 की वोटर लिस्ट में हैं लेकिन मैपिंग नहीं हो पा रही है, कारण क्या हो सकता है?*
आपका प्रश्न उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2025 से संबंधित लगता है।
*AI GROK द्वारा बताए गये संभावित कारण:*
नाम या माता-पिता के नाम में स्पेलिंग मिसमैच: पुरानी लिस्ट (2003) अक्सर मैनुअल या आंशिक डिजिटल फॉर्मेट में थी, जिसमें हिंदी-अंग्रेजी ट्रांसलिटरेशन (जैसे ‘राम’ को ‘Ram’ या ‘Raam’) की वजह से छोटे-छोटे अंतर हो जाते हैं। SIR में सटीक मैच की जरूरत होती है, इसलिए मामूली अंतर से नाम मैच नहीं होता। यह समस्या बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में भी देखी गई है, जहाँ 45% तक नाम 2002-03 लिस्ट से मिसमैच हो रहे हैं।
*डेटा एंट्री या OCR एरर*: 2003 लिस्ट को डिजिटाइज करने में ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) टूल्स का इस्तेमाल होता है, जो पुराने दस्तावेजों में एरर पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए, नामों को गलत पढ़ लिया जाए या डुप्लिकेट एंट्री हो। पूर्व UP मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसे “error-prone by design” बताया है।
*अफसरों की लापरवाही या टेक्निकल इश्यू*: UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को 3 दिनों में 2003 रोल्स से मैपिंग पूरी करने को कहा है, लेकिन नेग्लिजेंस या सॉफ्टवेयर ग्लिच से देरी हो सकती है। फेज 2 में प्री-मैप्ड डेटा की अनिश्चितता भी एक कारण है।
*मेरा यह मानना है कि 2003 के वोटर लिस्ट के अनुसार SIR Software में डाटा इंट्री करते समय लापरवाही हुई है। या तो उपरोक्त डाटा भरा नहीं गया होगा या फिर स्कैनिंग से गलत डाटा फीड हुआ है।*
लेकिन परिणाम तो यही है कि मैपिंग नहीं हो रहा है और BLO परेशान हैं।चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी जवाब दें कि वास्तविक मामला क्या है?