वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी— अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज परमानंदपुर वाराणसी परिसर में गुरुवार को मिशन शक्ति फेज 5 के द्वितीय चरण के अन्तर्गत मिशन शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण के तत्वावधान में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मिशन शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण की समन्वयक डॉक्टर श्रृंखला ने कहा कि कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न एक गंभीर समस्या है। जो महिलाओं के अधिकारों, शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य, कैरियर और उनकी सुरक्षा को प्रभावित करता है तथा असुरक्षित वातावरण की स्थिति उत्पन्न होती है। महिलाओं की जागरूकता ही उनकी सुरक्षा है और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति का उद्देश्य भी यही है कि महिलाओं को उनके अधिकारों व सुरक्षा के प्रति उन्हें जागरूक किया जाए। समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो.कुमुद सिंह ने लैंगिक उत्पीड़न के विषय में बताते हुए कहा कि सबसे पहले हमें पहचान करना होगा कि किस प्रकार का व्यवहार उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। जैसे- जबरदस्ती शारीरिक संपर्क, अश्लील चित्र का प्रदर्शन, गाली देना, असभ्य बातें इत्यादि। राजनीति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर मीनाक्षी मधुर ने कहा कि कार्यस्थल पर किसी के साथ दुर्व्यवहार, अनुचित टिप्पणी या यौन उत्पीड़न करना, कानूनन अपराध है। इसके लिए कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम- 2013 कानून बना है जो भारत में महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है। डा. बन्दनी ने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रभाव और उससे बचने के उपायों को बताया। इसके साथ ही किस प्रकार से पीड़िता शिकायत कर सकती है, उसके क्या प्रावधान है, इसकी भी जानकारी दी गयी। इस कार्यक्रम का संचालन छात्रा संजना ने तथा धन्यवाद ज्ञापित खुशी विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिक्षिकाएं व सैकड़ों छात्राएं उपस्थित रहीं।