सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारी 10-11 महीने से वेतन न मिलने के कारण भुखमरी के कगार पर हैं। उक्त जानकारी धनंजय तिवारी अध्यक्ष बेसिक हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने कही। उन्होंने हिंदुस्तान मीडिया से भेंटवार्ता में बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया चल रही वेतन भुगतान करने के लिए विभाग के जिम्मेदारों द्वारा कार्यवाही नहीं किया जाता है। तो समस्त कर्मचारियों को लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं। तिवारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी वित्तीय संकट से जूझ रहे है। इन कर्मचारियों की स्थिति अत्यंत गंभीर है। इसके बाद भी प्रतिदिन ड्यूटी पर पहुंचकर कार्य करते है। वेतन समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। यही नहीं आउटसोर्सिंग कर्मचारी मजबूर होकर आवश्यक सेवाएं ठप करने को बाध्य होंगे। धनंजय तिवारी ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय से वेतन न मिलने से संकट गहराया हुआ है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी 10.12 महीनों के वेतन भुगतान न होने से परिवार के भरण-पोषण में असमर्थ हैं।
इसलिए कर्मचारियों संग अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। योगी सरकार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक सीधे बैंक खाते में वेतन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग निर्देशित किया था। लेकिन इसका कार्यान्वयन 10.12 माह से एक बड़ी चुनौती बन चुका है।