रिपोर्ट शिवपूजन कुमार वाराणसी*- अदमा और अमिनी सहित कुल 13 गांवों के किसानों पर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के लिए अपनी बेहद उपजाऊ कृषि भूमि छिन जाने का खतरा मंडरा रहा है। राजातालाब तहसील अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण की इस गंभीर आशंका से परेशान और आक्रोशित किसानों की सुध लेने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बरियासनपुर गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और चिंताओं को सुना।इस मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एलान किया है कि वे प्रभावित किसानों की इस जायज लड़ाई को देश की सबसे बड़ी पंचायत, यानी संसद भवन (नई दिल्ली) तक ले जाएंगे और उनकी आवाज को दबने नहीं देंगे।
प्रभावित ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि अदमा व अमिनी सहीत जिन 13 गांवों की जमीन को इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित करने की तैयारी चल रही है, वह बेहद उपजाऊ (कृषि योग्य) भूमि है। इसी जमीन पर खेती कर पीढ़ियों से उनके परिवारों का भरण-पोषण हो रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि सरकार ने इस बहुफसली और उपजाऊ जमीन का जबरन अधिग्रहण किया, तो सैकड़ों परिवार दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे और उनका वजूद ही खतरे में पड़ जाएगा।
किसानों से संवाद के दौरान सांसद संजय सिंह ने उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर अन्नदाताओं की उपजाऊ जमीन छीनना पूरी तरह से गलत है। सांसद ने आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करेंगे।
किसानों के हक में लगातार आवाज उठाने वाले समाजसेवी सूबेदार यादव ने इस मामले को लेकर कहा कि अदमा, अमिनी 13 गांवों यह सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका है। हम इस सरकार मांग करेंगे कि वह किसानों के हितों को ताक पर रखकर कोई भी एकतरफा फैसला न ले।
सांसद संजय सिंह के दौरे के बाद 13 गांवों के किसानों में एकजुटता और बढ़ गई है। किसानों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ भूमि को उद्योगपतियों के हवाले नहीं होने देंगे।