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एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, उनकी क्षमता बढ़ाने वाला सशक्त सहयोगी: तनवीर. सिंह एसएमएस वाराणसी में सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ शुभारंभ

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 कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी, 16 जुलाई 2026: स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), वाराणसी में गुरुवार से *अकादमिक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग* विषयक सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि एआई विशेषज्ञ तनवीर सिंह, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर, स्पोकन ट्यूटोरियल्स, एडुपिरामिड्स, साइन – आईआईटी मुंबई उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्री तनवीर सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आज के दौर में न तो नकारा जा सकता है और न ही उससे दूरी बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि एआई का उपयोग ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ किया जाए तो यह शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य शिक्षक का स्थान लेना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाना है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे एआई का प्रयोग जिम्मेदारी के साथ करें ताकि इसका अधिकतम लाभ समाज और शिक्षा जगत को मिल सके।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. पी.एन. झा ने कहा कि उच्च शिक्षा में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच शिक्षकों का स्वयं को निरंतर अपडेट रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं नवाचार को नई दिशा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को भविष्य की शैक्षणिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयोजक प्रो. अमिताभ पाण्डेय ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विविध आयामों, अत्याधुनिक एआई टूल्स, रिस्पॉन्सिबल एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, शोध एवं प्रकाशन, मूल्यांकन प्रणाली तथा शिक्षण-अधिगम में एआई के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।गौरतलब है कि सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के आगामी सत्रों में मोतिलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी), प्रयागराज के डॉ. कपिल, वीर नर्मद साउथ गुजरात विश्वविद्यालय, सूरत से प्रो. धवल मेहता, एडिटेज, कोयंबटूर की एआई रिसर्च टूल्स विशेषज्ञ डॉ. के.एस. सौमिया रानी, तथा एसएमएस वाराणसी के प्रो. अविनाश चंद्र सुपकार एवं प्रो. पल्लवी पाठक विभिन्न तकनीकी सत्रों में शिक्षण, शोध, मूल्यांकन, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, रिस्पॉन्सिबल एआई और फैकल्टी प्रोडक्टिविटी जैसे विषयों पर व्याख्यान एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देंगे।कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रीप्रिया रॉय चौधरी तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. पल्लवी पाठक ने प्रस्तुत किया। इस अवसर कुलसचिव संजय गुप्ता, प्रो. कमलशील मिश्रा सहित संस्थान के सभी शिक्षक  उपस्थित रहे।

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