सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। उत्तर प्रदेश के देवरिया के मूल निवासी एवं गोंडा में पान विक्रेता की बेटी ज्योति चौरसिया ने UPPSC 2022 में 21वीं रैंक हासिल कर एसडीएम (SDM) बनकर जिले का मान बढ़ाया है। उनके एसडीएम बनने की सफलता पर लोगों में अपार हर्ष और गर्व की भावना है। ज्योति चौरसिया की संघर्ष से सफलता तक की कहानी बताता है। ज्योति चौरसिया का चयन उनके कड़े संघर्ष और मेहनत के बाद हुआ। जो युवाओं के लिए एक मिसाल है। ज्योति चौरसिया मूल रूप से देवरिया की निवासी है। वर्तमान समय में गोंडा निवासी हैं। और उनके पिता पान की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और अपनी मेहनत को दिया है। बताया जाता है। कि उत्तर प्रदेश पीसीएस 2022 परीक्षा में 21 वीं रैंक हासिल करने वाली ज्योति चौरसिया जमानियां में एसडीएम न्यायिक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। गाजीपुर की जिलाधिकारी ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी। जिसे लेकर स्थानीय निवासियों और युवाओं में हर्ष है। क्योंकि वह गोंडा के एक सामान्य परिवार से आकर इस पद तक पहुंची हैं। मजिस्ट्रेट (SDM) न्यायिक UPPSC 2022 परीक्षा में 21वीं रैंक गोंडा के एक पान विक्रेता की बेटी जिन्होंने अपनी मेहनत से यह पद हासिल किया। उनके आने से स्थानीय स्तर पर युवाओं में प्रेरणा और उत्साह का माहौल है। अमन शांति कमेटी के सरपरस्त गरीबों, असहाय लोगों की आगे निकलकर मदद करने वाले नेसार अहमद खान वारसी ने अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर एक साल पूर्ण होने पर गुलदस्ता भेंटकर खुशी इजहार किया। उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारी सुश्री ज्योति चौरसिया एक इंसाफ पसंद होने के साथ न्यायप्रिय अधिकारी होने के लिए कई मिशाल पेश कर चुकी है। उन्होंने बताया कि आप से मिलने के बाद ऐसा महसूस होता है। कि अपने किसी परिवार के सदस्य के साथ मुलाकात की है। नेसार अहमद खान वारसी ने कहा कि सुश्री ज्योति चौरसिया के एक वर्ष का शानदार कार्यकाल पूर्ण होने पर नगर कस्बा सहित क्षेत्र वासियों में काफी हर्ष की लहर दौड़ी है। वारसी ने कहा कि उपजिलाधिकारी न्यायप्रिय कार्य करने के साथ भेदभाव से उपर उठकर अपने कार्य को अंजाम देती है। उक्त मौके पर कमेटी के तमाम सदस्यगण शामिल रहे।