रिपोर्ट शिवपूजन कुमार की *वाराणसी (काशी):*राजातालाब तहसील अन्तर्गत करधना से बरकी तक 13 गांवों की भूमि अधिग्रहण और खेती-किसानी पर मंडराते संकट को लेकर काशी के अन्नदाताओं ने एकजुट होकर एक बड़ा संदेश दिया है। ‘अन्नदाता की पुकार’ के बैनर तले किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि काशी के मूल निवासी किसी भी कीमत पर अपनी जमीनों से बेदखल होकर प्रवासी नहीं बनेंगे।
किसानों ने प्रशासन से अपनी ज़मीनें न उजाड़ने की अपील की है। किसानों का कहना है कि किसान की जमीन सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी आजीविका हैं अगर इसे उजाड़ा गया तो हमसब की जीवन बिखर जाएगी। अगर खेत ही नहीं रहेंगे, तो अनाज कहाँ से आएगा? देश की जनता को क्या खिलाया जाएगा? क्या अन्नदाता के बिना देश को चलाया जा सकता है? खेत बचेगा और किसान रहेगा, तभी देश का हर नागरिक भरपेट रोटी खा पाएगा। युवा किसान सुबेदार यादव,हमारी लड़ाई सिर्फ हमारी ज़मीन की नहीं, बल्कि पूरे देश की खाद्य सुरक्षा की है।अन्नदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मातृभूमि और खेतों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने मांग की है कि विकास के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का विनाश तुरंत रोका जाए, देशवासियों की थाली सुरक्षित रह सके। सुरेश पटेल, रंजीत कुमार, सतीश पटेल, मुंशी पटेल, रमेश पटेल,हुबलाल, सुबेदार यादव,