वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट* वाराणसी में चैत्र अष्टमी के दिन प्रकृति पूजा ” सरहुल पर्व ” ग्राम चमाव शिवपुर में गोंड जनजातीय समुदाय के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गय ,* आपको बतादे की आदिम जनजातीय संस्कृति, पद्धतिय के मानने वाले और उनके समुदाय द्वारा ये सरहुल पर्व चैत्र माह के तृतीय को हजारों वर्षों से मनाते आ रहे है, लेकिन बनारस के भूमका (गोंडी धर्माचार्य) द्वारा चैत्र माह के उजाली पाख से प्रथम दिन से नए वर्ष की खुशहाली और प्रकृति शक्ति धरती दाई और सूर्य दाऊ के प्राकृतिक चलायमान का मिलन ,और नए फसलों के अच्छी पैदावार की खुशहाली में 26 मार्च को आठवां दिन लगातार स्थान ग्राम चमाव शिवपुर में महोत्सव का आयोजन किया गया, इस कार्यक्रम में आदिम गुरु जनजातीय समुदाय भूमक , पंडा,पुजारी राजेश गोंड धुर्वे,सुक्खू मरावी गोंड, अशोक गोंड, संतोष मरकाम गोंड, कैलाश नारायण गोंड द्वारा प्राकृतिक पूजा के साथ गढ़, और गांव की लोगो की रक्षा, सुरक्षा करने वाले देवता भीमालपेन जिन्हें ग्राम देवता, डीह ठाकुर, और इन्हीं के सगे भाई बहन जो मेड़ों के देव, पनघट के देव, खेतों -खलिहान के देव, सहकारिता क्षेत्र के देव, जड़ी बूटी के देवी देवता, ताल तलैया के देव, ज्ञान शिक्षा, कुश्ती मुष्टि, युद्ध विद्या के देव के रूप में भारत वर्ष के लोग मानते और पूजते आ रहे है,ये सात भाई पांच बहने थी जो जीवन्त तक गढ़ के लोगो की सेवा देते रहे, उन्हीं में एक खेरो माता जिन्हें माता माई, शीतला माता भी के नाम से पूजते है ये नौ प्रकार के नीम से अपने साथ 8 सेविकाओं के साथ मिलकर सभी रोगियों की सेवा देती थी ,
चैत माह में ग्राम के सभी देवीवदेवता की नया फसल अर्पण करते है, पूजन के बाद सभी लोग करमा , रेला पाटा गीतों पर खूब नृत्य किए, और पर्व का आनंद लिए , सेवक सेविका के रूप में लक्ष्मण गोंड संग आरती , सुरेंद्र मरावी ,कुलबीर मरावी, हर्ष मरावी, शिला गोंड, सोनी गोंड, नगीना गोंड, धर्मेंद्र गोंड, बेबी, ओमप्रकाश पोया, विनोद शाह, उमाशंकर गोंड। प्रेम शंकर गोंड चहेतो गोंड , भैया लाल गोंड , आनंद गोंड, ईश्वर प्रसाद गोंड, लालबहादुर गोंड , चंद्र मोहन गोंड, मनोज मरकाम, संतोष मरकाम, शिवजतन गोंड, रामजतन गोंड, गब्बर गोंड दिनना गोंड, बृजभान मरावी, बुधराम गोंड मरावी, राकेश सिंग मरावी,, कमल गोंडनीरज धुर्वे , लोग उपस्थित थे,