रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी की ओर से रविवार को वृक्षारोपण महायज्ञ- 2026 के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम ” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी के अध्यक्ष संजीव शुक्ला द्वारा ” एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण कर उद्घाटन किया गया। इस मौके पर जिला जज द्वारा वृक्षारोपण के महत्व पर चर्चा करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा इस वर्ष के मिशन वृक्षारोपण महायज्ञ- 2026 के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पर प्रकाश डालते हुए पानी के संरक्षण पर बल दिया। कहा कि पानी का संरक्षण अति आवश्यक है, क्योंकि पृथ्वी पर पीने योग्य पानी न्यूनतम मात्रा में है। जबकि सामुद्रिक जल अत्यधिक मात्रा में होने के बावजूद उपयोग मे नहीं हो सकता है। क्योंकि कृषि, जीव-जंतु व मानवता का अस्तित्व मीठे जल के भंडारण की क्षमता तक ही सीमित है। उन्होंने पीने योग्य जल का संरक्षण करने तथा घरों में जल संरक्षण का प्रयास अधिक से अधिक करने पर बल दिया। उदाहरण के तौर पर आरओ मशीन से पानी फिल्टर होते समय काफी मात्रा में पानी बर्बाद होता है। मशीन द्वारा निर्गत जल का भंडारण करके पेड़ पौधों एवं साफ सफाई आदि में उपयोग में लाकर दिन में लगभग दो से तीन बाल्टी पानी प्रत्येक घर से बचाया जा सकता है। जनपद न्यायाधीश द्वारा घरों में पेड़ पौधे लगवा कर घर का वातावरण हरित रखने पर बल दिया गया, जिससे घर के आस-पास का तापमान नियंत्रित किया सके और बिजली का बचत हो सके। इस अवसर पर हुसैन अहमद अंसारी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, मोटर दावा एवं दुर्घटना अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रामकेश, कमर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अशोक सिंह यादव, अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत अच्छे लाल गुप्ता, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एडीजे-06 आलोक कुमार, विधिक सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव मुकुल पाण्डेय एवं दीवानी न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारी, कर्मचारीगण, बार के पदाधिकारीगण तथा पराविधिक स्वयंसेवक गण उपस्थित रहै