वाराणसी वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट — शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका एवं शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते प्रभाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए डायट सारनाथ वाराणसी एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन की पहल के अंतर्गत संचालित गुरूशाला कार्यक्रम के तहत बुधवार को दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी में स्थापित एआई सेंटर फार एजुकेशन में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाराणसी जनपद के विभिन्न विद्यालयों से चयनित 50 शिक्षकों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सीखने की अवसर सुनिश्चित करना है। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत समझ प्रदान करने के साथ-साथ यह समझ विकसित किया गया है कि आई की सहायता से कक्षा अध्यापन को अधिक प्रभावी, रोचक, विद्यार्थी केंद्रित और परिणामोन्मुख कैसे बनाया जा सकता है। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एआई की मूलभूत अवधारणाओं इसके विभिन्न उपयोगों तथा शिक्षा के क्षेत्र में इसकी संभावनाओं से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि एआई शिक्षक का स्थान लेने की बजाय शिक्षक की क्षमता को बढ़ाने वाला एक प्रभावी तकनीकी साधन है। शिक्षकों ने यह समझा कि एआई की सहायता से विद्यार्थियों के सीखने की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझाते हुए पाठ योजनाओं, शिक्षण गतिविधियों, अभ्यास सामग्री और मूल्यांकन की रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही एआई कैसे डेटा से सीखता है व क्या-क्या तैयार कर सकता है। चैट जीपीटी, जेमिनी, नोटबुक एलएम एवं टीचेबुल मशीन जैसे एआई टूल्स का परिचय और उनके व्यवहारिक उपयोग भी साझा किए गए, जिससे शिक्षक विभिन्न स्तरों के विद्यार्थियों के लिए आवश्यकता आधारित शिक्षण सामग्री तैयार कर सकें। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में डायट सारनाथ के प्राचार्य एवं संस्थान की सहयोग, प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता तथा शिक्षकों के प्रभावी मार्गदर्शन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण का संचालन सृष्टि गौंड़,लाबोनी विश्वास एवं आशिता आचार्य द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों, चर्चाओं उदाहरणों और सहभागिता पूर्ण सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को एआई की उपयोगिता और संभावनाओं से परिचित कराया।