*दबंगों के डर से घर छोड़ ससुराल में रहने को मजबूर पीड़ित परिवार, वाराणसी पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
वाराणसी* जंसा थाना क्षेत्र के हरसोस गाँव में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि एक परिवार को अपनी जान बचाने के लिए अपना घर छोड़कर ससुराल में शरण लेनी पड़ी है। पीड़ित इबरान अब्बासी ने शनिवार को वाराणसी पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
विवाद की जड़: तेज रफ्तार ऑटो का विरोध
पीड़ित इबरान अब्बासी के अनुसार, घटना 5 मार्च 2026 की शाम करीब 7:00 बजे की है। इबरान अपने घर के बाहर इफ्तार के बाद आराम कर रहे थे और बच्चे खेल रहे थे। तभी पड़ोस का निवासी अस्फाक पुत्र स्व. मेहदी अपनी ऑटो बेहद तेज रफ्तार में लेकर निकला। बच्चों को खतरे से बचाने के लिए जब इबरान ने ऑटो धीरे चलाने को कहा, तो आरोपी अस्फाक आगबबूला हो गया और भद्दी गालियां देने लगा।
घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग का आरोप
शिकायत के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर अस्फाक के साथ महफूज, नवाब, संतरा परवीन और गुड़िया ने एकजुट होकर इबरान के घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने इबरान, उनके पिता शेखर अब्बासी और पत्नी शहनाज को लात-घूंसों व ईंटों से बुरी तरह पीटा।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब पीड़ित ने ‘यूपी 112’ पर सूचना दी और पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, तो आरोपी और भी उग्र हो गए। आरोप है कि उसी रात करीब 9:00 बजे दबंगों ने दोबारा घर पर ईंट-पत्थरों से हमला किया। जान बचाने के लिए जब इबरान अपने परिवार के साथ घर के पिछले रास्ते से भाग रहे थे, तब आरोपी अस्फाक ने अवैध तमंचे से उन पर दो राउंड फायरिंग की। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं।
दहशत में परिवार, न्याय की मांग
पीड़ित इबरान का कहना है कि आरोपी बेहद दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी डर के कारण पूरा परिवार घर छोड़कर ससुराल में रहने को मजबूर है। इबरान ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि:आरोपियों के विरुद्ध तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए।थानाध्यक्ष जंसा को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए जाएं। पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।