मऊ : नारायण प्रसाद की रिपोर्टआज दिनांक 22 जुलाई 2026 को, देश के शीर्ष विपक्षी नेताओं—लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी तथा दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस पार्टी का आक्रोश फूट पड़ा। मऊ में जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका।
पुतला दहन के उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करते हुए जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव सहित सभी प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रमुख रूप से ये लोग रहे शामिल:
इस विरोध प्रदर्शन और धरने में ओमप्रकाश ठाकुर, महक पांडेय, रामकेश सिंह पटेल, फ़हद क़ादिर, मनोज गिहार, हफीजुर्रहमान, शाहिद फारूकी बम्हान्द पांडे रमन पांडे विनय कुमार गौतम सुरेश राजभर सहित सैकड़ों नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छात्रों पर अत्याचार और तानाशाही बर्दाश्त नहीं: राजमंगल यादव
गिरफ्तारी से ठीक पहले धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में तानाशाही चरम पर पहुंच चुकी है। छात्रों की जायज मांगों को दबाने के लिए दिल्ली में उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया और जब विपक्ष के नेता इसका विरोध करने निकले, तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
राजमंगल यादव ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान जब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और छात्रों पर जुल्म ढाने वाले मंत्रियों को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मऊ जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
उपस्थित लोग, ओमप्रकाश ठाकुर, उदय प्रताब राय, महक पांडेय, रामकेश सिंह पटेल, फ़हद क़ादिर, अमरनाथ योगी, मनोज गिहार, हफीजुर्रहमान,शाहिद फारूकी, प्रेम लता पांडेय, आदि रहे।