सलीम मंसूरी की रिपोर्टजमानियां। नगर कस्बा बाजार सहित मोहल्लों में बंदरों का आतंक बहुत बढ़ गया है। जिससे राहगीर और स्थानीय निवासी दोनों बेहद परेशान हैं। बंदरों के झुंड लोगों से सामान छीन रहे हैं। घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर रहे हैं। और हमला करके लोगों को घायल कर रहे हैं। मुख्य समस्याएं सामान छीनना और विरोध करने पर काटकर जख्मी कर दे रहे है। रास्ते पर चलते राहगीरों और दुकानदारों के हाथों से खाने-पीने का सामान व अन्य जरूरी चीजें छीन लेना। इसके साथ ही घरों के अंदर घुसकर सामान नष्ट करना और छतों पर सूख रहे कपड़ों को फाड़ देना। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर बंदरों से छुटकारा दिलाने के लिए धड़ पकड़ के लिए कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी, बेलाल मंसूरी, उत्कर्ष, मेराज उर्फ बबलू मंसूरी नियाज मंसूरी उर्फ सोनू, गुलाब चंद्र सेठ, रितेश वर्मा, ब्रम्हदेव आर्य, बब्बन कनौजिया, इजहार खान, इरफान खान, आसिफ मंसूरी सहित आदि लोगों ने बताया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डराना तथा विरोध करने पर काटने से कई लोग जख्मी हो रहे हैं। जिन्हें रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग किया है। की नगर कस्बा बाजार सहित बुद्धिरपुर, पठान टोली, पक्का बलुआ गंगा घाट, रेलवे स्टेशन और लोदीपुर जैसे क्षेत्रों में इनका भारी जमावड़ा रहता है। त्रस्त नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका परिषद से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने और इस समस्या से जल्द निजात दिलाने की जोरदार मांग की है। बंदरों के आतंक से नगरवासी और राहगीर परेशान हो चुके है।
नगर में बंदरों की भरमार है। बंदरों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण मकानों की छत से लेकर मुख्य बाजार सड़क पर झुंड की संख्या में बैठे रहते है। जिसके चलते राहगीरों सहित स्थानीय लोगों के आवागमन में व्यवधान उत्पन्न होने लगी है।